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इराक में हो सकता है नर संहारः UNO
Updated Sun, 24 Aug 2014 10:34 AM IST
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संयुक्त राष्ट्र ने इराक के अमेरली कस्बे में संभावित नरसंहार की आशंका व्यक्त करते हुए इसे रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई का आह्वान किया है।
विशेष प्रतिनिधि निकोले म्लाडेनोफ का कहना है अमेरली के नागरिकों के हालात के बारे में उन्हें गंभीर रिपोर्टों मिली हैं।
दो महीनों से इस्लामिक स्टेट की घेराबंदी में फंसे उत्तरी इराक के इस कस्बे में पानी, बिजली और दवाओं की भारी किल्लत है। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग तुर्क शिया हैं जिन्हें इस्लामिक स्टेट अधर्मी मानता है।
एक बयान में म्लाडेनोफ ने कहा, "अमेरली में हालात बेहद खराब हैं और संभावित नरसंहार को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई की जरूरत है।"
उन्होंने कहा, "मैं इराकी सरकार से अमेरली की घेराबंदी तोडने के लिए हरसंभव कदम उठाने और मानवीय मदद सुनिश्चित कराने की अपील करता हूँ।"
शुक्रवार को इराक के सबसे बडे शिया नेता अयातोल्लाह अली अल सिस्तानी ने अमेरली के लोगों के प्रति चिंता जाहिर की थी।
अमेरली निवासियों का कहना है कि उन तक किसी भी तरह की बाहरी मदद नहीं पहुंच पा रही हैं और इस्लामिक स्टेट चरमपंथियों का सामने करने के लिए उन्हें खुद हथियार उठाने पड़ रहे हैं।
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विशेष प्रतिनिधि निकोले म्लाडेनोफ का कहना है अमेरली के नागरिकों के हालात के बारे में उन्हें गंभीर रिपोर्टों मिली हैं।
दो महीनों से इस्लामिक स्टेट की घेराबंदी में फंसे उत्तरी इराक के इस कस्बे में पानी, बिजली और दवाओं की भारी किल्लत है। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग तुर्क शिया हैं जिन्हें इस्लामिक स्टेट अधर्मी मानता है।
एक बयान में म्लाडेनोफ ने कहा, "अमेरली में हालात बेहद खराब हैं और संभावित नरसंहार को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई की जरूरत है।"
उन्होंने कहा, "मैं इराकी सरकार से अमेरली की घेराबंदी तोडने के लिए हरसंभव कदम उठाने और मानवीय मदद सुनिश्चित कराने की अपील करता हूँ।"
शुक्रवार को इराक के सबसे बडे शिया नेता अयातोल्लाह अली अल सिस्तानी ने अमेरली के लोगों के प्रति चिंता जाहिर की थी।
अमेरली निवासियों का कहना है कि उन तक किसी भी तरह की बाहरी मदद नहीं पहुंच पा रही हैं और इस्लामिक स्टेट चरमपंथियों का सामने करने के लिए उन्हें खुद हथियार उठाने पड़ रहे हैं।
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