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सड़क को करो साफ तो मिलेगी बीयर!
Updated Thu, 09 Jan 2014 03:05 PM IST
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दुनिया में एक मुल्क ऐसा भी है तो सड़क साफ करने पर सड़क साफ करने वाले को बीयर पिला रहा है।
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नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम में सड़क साफ करने वाले शराबियों को इसके बदले में पीने के लिए बीयर दी जा रही है।
एक निजी कंपनी की इस योजना को आंशिक रूप से सरकार का भी समर्थन हासिल है। इसके आयोजकों का मानना है कि दूसरे देश भी पुरानी सोच को त्याग कर इसे अपनाएंगे।
एक ऐसे ही शराबी हैंस रेने हैं। अपनी आदत का जिक्र करते हुए वह कहते हैं, ''मेरे चार बच्चे और तीन पूर्व पत्नियां हैं। शराब ने सब कुछ खत्म कर दिया। मैंने उन्हें नहीं देखा है, वे यह नहीं जानते हैं कि मैं कहा हूँ या मैं जिंदा हूं भी या नहीं। अब मेरे साथ सिर्फ़ मेरी ये लत है।''
इस परियोजना को चलाने वाले द रेनबो ग्रुप की अगुवाई में सभी शराबी एक सामुदायिक जगह पर जमा होते हैं। हालांकि यह एक निजी कंपनी है लेकिन उसे आंशिक रूप से सरकार से भी मदद मिली हुई है। यह कंपनी ऐसे लोगों की मदद करती है, जो बिना घर के हैं या क्लिक करें शराब और नशीली दवाओं के आदी हैं।
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एक हीटर के आस-पास सभी लोग बैठे हुए हैं और एक धुन गुनगुना रहे हैं। 52 साल के रेने बीयर की कैन खोलते हैं। अभी सुबह के 11 बजे हैं और यह उनकी तीसरी कैन है।
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रेने उन 20 शराबियों में से हैं, जो इस पहल में शामिल हुए हैं। वे सुबह नौ बजे आते हैं और तीन बजे तक काम करते हैं। वे बीच-बीच में बीयर पीने, सिगरेट और गरमा-गरम खाने के लिए रुकते रहते हैं। यह सब उन्हें मुफ़्त में उपलब्ध कराया जाता है।
नीदरलैंड के एक पारंपरिक खाने स्टैंप्पोट स्ट्यू की ख़ुशबू किचन से आ रही है। हवा में धुआँ और सौहार्द भरा हुआ है। एक पुराना गाना कमरे को भरता है।
रेने, शराब की लत के शिकार एक व्यक्ति ने बताया कि "मेरे चार बच्चे और तीन पूर्व पत्नियां हैं। शराब ने सब कुछ खत्म कर दिया। मैंने उन्हें नहीं देखा है, वे यह नहीं जानते हैं कि मैं कहा हूँ या मैं जिंदा हूं भी या नहीं"
रेनबो ग्रुप के कूड़ा परियोजना को चलाने वाले जेनेट वान डी मार्ड कहते हैं, ''वे खाना पकाना चाहते हैं, देखिए वे यह भी नहीं जानते हैं कि उनमें क्या-क्या गुण हैं। ''
शराब से दूर
वह कहते हैं, ''इन लोगों को पूरी तरह क्लिक करें शराब से दूर कर पाना काफी कठिन काम है। हम इसके अलावा सब कुछ क्लिक करें आजमाते हैं। अब केवल यही एक चीज है जो काम करती है। हम उन्हें बेहतर नहीं बना सकते हैं। लेकिन हम उन्हें गुणवत्ता पूर्ण जीवन देने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह वे भी समाज को कुछ लौटा रहे हैं।''
एक बगीचे में बनी एक बड़ी झोपड़ी में बीयर के करीब छह हज़ार कैन रखे हैं। द रेनबो ग्रुप यह नहीं बताना चाहता है कि सरकार इस परियोजना पर कितना सहयोग दे रही है। वे इस तरह के किसी तरह के नकारात्मक प्रचार से बचना चाहते हैं, जो कि सरकारी सहायता को ख़तरे में डाल देगा।
लेकिन जेनेट वान डी मार्ड कहते हैं, "शराब की लत से निपटने का यह एक प्रभावी तरीका है। अगर लोगों को गिरफ़्तार किया जाता है, तो उस पर भी पैसा खर्च होगा जिसका भार जनता पर ही पड़ेगा। इसलिए केवल यही एक अच्छी चीज हो सकती है। मैं यह नहीं देख पा रहा हूँ कि अन्य देश ऐसा क्यों नहीं करना चाहते हैं?"
जब मैंने अन्य लोगों से इस परियोजना के बारे में बात की तो सबने इसके समर्थन में बात की।
शराब के लत के शिकार व्यक्ति
एक आदमी चौंकाते हुए हमारी ओर आता है। वह कहता है, 'बेहद ख़ूबसूरत।' वह एक कमज़ोर मुस्कान से हमारा स्वागत करता है। लेकिन वह जल्द ही यह साफ कर देता है कि वह और उसके दोस्त इंटरव्यू देने के इच्छुक नहीं हैं। वह उन शराबियों में से एक है, जिन्हें अभी शराब छोड़ने के लिए राजी नहीं किया गया है।
सड़क साफ करने की योजना क़रीब एक साल पहले शुरू की गई थी। इसके बाद से पुलिस को पार्क में छुरा मारने या लूटपाट की शिकायतें पहले से कम ही मिली हैं। हमने वहाँ के जितने स्थानीय लोगों से बात की, उन सभी ने सरकार के इस अपरंपरागत नजरिए का स्वागत किया और इससे खुशी जताई।
शराबियों के सामाजिक बहिष्कार की जगह उन्हें स्वास्थ्य देखभाल सिस्टम में शामिल करने की जरूरत है।
द रेनबो ग्रुप इस बात को लेकर आशावान है कि इस परियोजना से अछूते रहे लोगों तक पहुँच बनाने के लिए वह और आर्थिक मदद हासिल कर पाएगा।