अफगान कैदियों की रिहाई को तालिबान ने बताया बड़ी जीत
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अफ़ग़ान तालिबान के नेता मुल्ला उमर ने एक अमेरिकी सैनिक की रिहाई के बदले पांच अफगान कैदियों को छोड़े जाने को बड़ी जीत बताया है।
मुल्ला उमर की तरफ़ से दुर्लभ ही ऐसे सार्वजनिक बयान आते हैं। शनिवार को पांच साल अपनी कैद में रखने के बाद तालिबान ने 28 वर्षीय अमेरिकी सैनिक बो बेर्गेडेल को रिहा कर दिया था।
इसके बदले अमेरिका ने ग्वांतानामो बे की जेल से पांच अफ़ग़ान कैदियों को रिहा किया।
व्हाइट हाउस ने जहां कैदियों की इस अदला-बदली का बचाव किया है, वहीं अमेरिका में विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी ने इसे आतंकवाद के मुद्दे पर नरमी दिखाने वाले कदम बताया है।
सार्जेंट बेर्गेडेल इकलौते अमेरिकी सैनिक हैं जो अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान की क़ैद में थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बयान में कहा है कि सार्जेंट बेर्गेडेल की रिहाई अमेरिका की उस प्रतिबद्धता की याद दिलाती है जिसके तहत युद्धक्षेत्र में किसी भी सैनिक को नहीं छोड़ा जाएगा।
अफगान सरकार ने जताई नाराजगी
मुल्ला उमर ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए हमले के बाद जब से अफगानिस्तान छोड़ा है, उनकी तरफ़ से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया था और न ही उन्हें सार्वजनिक तौर पर देखा गया।
लेकिन अमेरिकी सैनिक की रिहाई के बदले छूटे पांच तालिबान कैदियों पर उन्होंने बयान दिया है। अपने बयान में उन्होंने कहा है, “मैं समूचे अफ़ग़ान मुस्लिम राष्ट्र को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।”
वहीं अफ़ग़ानिस्तान सरकार ने क़ैदियों की इस अदला-बदली की निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। अफ़ग़ान सरकार के अनुसार उसे इस तरह की डील होने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
जिन पांच अफ़ग़ान लोगों को रिहा किया गया है उन्हें अमेरिकी कैद में मौजूद अहम कैदी माना जाता था। इन्हें 2001 में अमेरिकी सैन्य अभियान के तहत हिरासत में लिया गया था।