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सीरिया: कुसैर पर कब्जे को लड़ाई तेज
Updated Sat, 01 Jun 2013 12:49 PM IST
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सीरिया के कुसैर ज़िले से एक सूत्र ने बीबीसी को बताया कि है कि वहां विद्रोहियों के कई गुट पहुंच गए हैं। लेकिन सूत्र के मुताबिक कुसैर में विद्रोहियों की संख्या 1,000 तो नहीं लेकिन कुछ दर्जन भर ज़रूर है।
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सूत्र का ये दावा सीरियाई सरकारी रिपोर्टों के उलट है जिनमें कहा गया था कि कुसैर क्षेत्र को हिज़्बुल्लाह लड़ाकूओं की मदद से घेर लिया गया है।
सत्ता की इस लड़ाई में कुसैर में हो रहे युद्ध को सामरिक तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक स्थानीय डॉक्टर ने बीबीसी को बताया कि लड़ाई के कारण शहर में खाने, पानी और दवा की कमी हो गई है।
डॉक्टर ने कहा, “मैं कुसैर के उत्तर में रहता हूँ औऱ इसका नाम दभार है। ये जगह हवाईअड्डे के नज़दीक है। स्थिति बहुत खराब है। विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाकों में करीब 600 घायल लोग फंसे हुए हैं जिन्हें चिकित्सा सुविधाओं की सख्त ज़रूरत है।”
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इस डॉक्टर के मुताबिक लेबनॉन से आ रहे हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों ने राष्ट्रपति असद की सेना की स्थिति को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है और उन्होंने हिज़्बुल्लाह के कई शिया लड़ाकों के शव देखे हैं।
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उनका कहना था, “जी हैं, हमने हिज़्बुल्लाह लड़ाकों को अपनी आंखों से देखा है। मैने उनके कई शव भी देखे हैं। मुझे लगता है कि दो साल की लड़ाई में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।”
डॉक्टर ने कहा, “शुरुआत फ्री सीरियन आर्मी और असर सरकार के बीच युद्ध से हुई और वो लड़ते-लड़ते थक गए। लेकिन हिज्बुल्ला के कारण स्थिति में बदलाव आया है। उन्होंने असद की सेना को कुसैर में मज़बूती दी है।”
सीरियाई विद्रोहियों के सबसे बड़े गुट के सैन्य प्रमुख जनरल सेलीम इदरीस ने बीबीसी को बताया कि कुसैर पर हमले में करीब 7,000 हिज़्बुल्लाह लड़ाके हिस्सा ले रहे हैं।
विस्तार
उधर सीरियाई विपक्षी नेताओं ने इस्तानबुल में अपनी आठ दिनों की बैठक के बाद सीरियन राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ने वाले गुटों के विस्तार की घोषणा की है।
बीबीसी संवाददाताओं के मुताबिक विपक्षी गुटों पर दबाव है कि वो अपने नेतृत्व में नए सदस्यों को शामिल करें। माना जाता है कि विपक्षी सेना में इस्लामी गुटों का बोलबाला है।
उधर रूस से आ रही रिपोर्टों में कहा गया है कि इस बात की उम्मीद कम है कि साल के अंत से पहले मॉस्को सीरिया को एस300 विमान-भेदी मिसाइल सिस्टम देगा। मीडिया रिपोर्टों में ये भी कहा गया है कि रूस सीरियाई सरकार को 10 मिग फ़ाइटर विमान बेचने को लेकर बातचीत कर रहा है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लैवरॉव ने कहा है कि सीरिया के विपक्षी दल आने वाली शांति बैठक में राष्ट्रपति असद को हटाने की मांग को लेकर बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि राष्ट्रीय गठबंधन और उनके समर्थक कोशिश कर रहे हैं कि राजनीतिक प्रक्रिया शुरू ही न हो और सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप की शुरूआत हो। वो पश्चिम में लोगों की सोच पर प्रभाव डालने की कोशिश कर रहे हैं।”
इसराइल का कहना है कि वो सीरिया को कोई हथियार दिए जाने को बरदाश्त नहीं करेगा। इसी कारण इसराइल ने हाल ही में लेबनॉन में कुछ ठिकानों को भी निशाना बनाया था।
नागरिकों की मौत
उधर ऐसी भी रिपोर्टें हैं कि सीरिया में एक ब्रितानी और अमेरिकी नागरिक मारे गए हैं। दोनो देश इस रिपोर्ट की जांच कर रही हैं।
सीरिया के सरकारी टीवी में कुछ शवों और आइडेंटिटी कार्डों को दिखाते हुए दावा किया गया है कि उत्तरी इतलीब राज्य में विदेशी भी विद्रोहियों के साथ मिलकर लड़ाई में हिस्सा ले रहे हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक एक अमेरिकी महिला के परिवार ने मारी गई महिला का नाम 33 वर्षीय निकोल मैंसफ़ील्ड बताया है जिसने अपना धर्म परिवर्तन करके इस्लाम धर्म अपना लिया था।
रिपोर्टों के अनुसार निकोल मिशिगन, अमेरिका की नागरिक थीं।
ब्रिटेन के विदेश विभाग ने शुक्रवार को कहा था कि वो एक ब्रितानी नागरिक के मारे जाने को लेकर आ रही रिपोर्टों के बारे में और ज्यादा जानकारियां जुटाने की कोशिश कर रही है।