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स्वीडन की महिलाएं क्यों हुई एकजुट
बीबीसी। नई दिल्ली
Updated Wed, 21 Aug 2013 03:07 PM IST
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स्वीडन में नकाब पहनने के कारण हमले का शिकार हुई एक महिला के पक्ष में स्वीडन की महिलाओं ने एकजुटता दिखाई है।
इस घटना पर अपना प्रतिरोध जताते हुए उन्होंने पारंपरिक मुस्लिम पोशाक में अपनी तस्वीरें सोशल वेबसाइटों पर पोस्ट की। प्रतिरोध की इस मुहिम में अलग अलग विचारधारा के राजनेता और टीवी होस्ट शामिल हैं।
‘हिजाब विवाद’ आंदोलनकारियों ने सरकार से गुजारिश की है कि वे मुस्लिम महिलाओं की धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करें।
शनिवार को स्टॉकहोम के कस्बे में एक हमलावर ने महिला का हिजाब फाड़ा और उसका सिर एक कार पर दे मारा। हमले में घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया।
क्लिक करें पीड़ित महिला के साथी ने स्वीडिश मीडिया को बताया कि हमलावर ने महिला के लिए अपमानजनक नस्लवादी नारे भी लगाए। महिला गर्भवती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फ़ासीवाद का प्रदर्शन
प्रतिरोध करने वालों में सांसद असा रॉमसन और वेरोनिका पाम के साथ टीवी होस्ट जिना दिरावाई का नाम शामिल है। इस अभियान में शामिल महिलाओं ने कहा कि वे स्वीडन में मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव की ओर सबका ध्यान खींचना चाहती हैं।
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एफ़्टनब्लेडेट अखबार में आंदोलनकारी महिलाओं ने लिखा, "ऐसे देश में जहां मुस्लिमों के खिलाफ पहले ही नफरत की कई घटनाएं सामने आ रही हैं और जहां मुस्लिम महिलाएं अपने सिर पर कपड़ा इतना कसकर बांधती हैं कि वह खुल ना जाए, जरूरत है कि प्रधानमंत्री और दूसरे नेता इस तरह के फासीवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाएं।"
टीटी न्यूज एजेंसी के अनुसार उनके अभियान के जवाब में स्वीडन की कानून मंत्री बीट्रिस अस्क ने कहा कि इस तरह के हमलों को गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है। मंत्री मंगलवार को प्रदर्शनकारियों से बात करने वाली हैं।
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इस घटना पर अपना प्रतिरोध जताते हुए उन्होंने पारंपरिक मुस्लिम पोशाक में अपनी तस्वीरें सोशल वेबसाइटों पर पोस्ट की। प्रतिरोध की इस मुहिम में अलग अलग विचारधारा के राजनेता और टीवी होस्ट शामिल हैं।
‘हिजाब विवाद’ आंदोलनकारियों ने सरकार से गुजारिश की है कि वे मुस्लिम महिलाओं की धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करें।
शनिवार को स्टॉकहोम के कस्बे में एक हमलावर ने महिला का हिजाब फाड़ा और उसका सिर एक कार पर दे मारा। हमले में घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया।
क्लिक करें पीड़ित महिला के साथी ने स्वीडिश मीडिया को बताया कि हमलावर ने महिला के लिए अपमानजनक नस्लवादी नारे भी लगाए। महिला गर्भवती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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फ़ासीवाद का प्रदर्शन
प्रतिरोध करने वालों में सांसद असा रॉमसन और वेरोनिका पाम के साथ टीवी होस्ट जिना दिरावाई का नाम शामिल है। इस अभियान में शामिल महिलाओं ने कहा कि वे स्वीडन में मुस्लिम महिलाओं के साथ हो रहे भेदभाव की ओर सबका ध्यान खींचना चाहती हैं।
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एफ़्टनब्लेडेट अखबार में आंदोलनकारी महिलाओं ने लिखा, "ऐसे देश में जहां मुस्लिमों के खिलाफ पहले ही नफरत की कई घटनाएं सामने आ रही हैं और जहां मुस्लिम महिलाएं अपने सिर पर कपड़ा इतना कसकर बांधती हैं कि वह खुल ना जाए, जरूरत है कि प्रधानमंत्री और दूसरे नेता इस तरह के फासीवाद के खिलाफ कठोर कदम उठाएं।"
टीटी न्यूज एजेंसी के अनुसार उनके अभियान के जवाब में स्वीडन की कानून मंत्री बीट्रिस अस्क ने कहा कि इस तरह के हमलों को गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है। मंत्री मंगलवार को प्रदर्शनकारियों से बात करने वाली हैं।