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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व जम्मू एवं कश्मीर सरकार को जवाब दाखिल करने का दिया निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 14 Nov 2018 06:02 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
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जम्मू एवं कश्मीर के अलग संविधान को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व जम्मू एवं कश्मीर सरकार को जवाब दाखिल करने केलिए कहा है। साथ ही शीर्ष अदालत ने इस याचिका को भी पूर्व में दायर अन्य याचिकाओं केसाथ जोड़ दिया है। नई याचिका मालेगांव धमाके के आरोपी मेजर रमेश उपाध्याय की ओर से दायर की गई है।
चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय इस याचिका पर नोटिस जारी करते हुए संविधान के अनुच्छेद-370 और 35 ए को चुनौती देने वाली अन्य याचिकाओं केसाथ जोड़ दिया। पीठ ने केंद्र व जम्मू एवं कश्मीर सरकार को इस संबंध में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील विष्णु जैन ने पीठ से कहा कि जम्मू-कश्मीर का अलग संविधान, भारतीय संविधान केविपरीत है। याचिका में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर का संविधान भारतीय नागरिकों केसाथ भेदभाव करता है, लिहाजा इसे निरस्त किया जाना चाहिए। साथ ही याचिका में भारतीय संसद से अनुच्छेद-370 में संशोधन का हक छीनने वाले राष्ट्रपति आदेश, 1954 को भी निरस्त करने की गुहार की गई है।
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चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय इस याचिका पर नोटिस जारी करते हुए संविधान के अनुच्छेद-370 और 35 ए को चुनौती देने वाली अन्य याचिकाओं केसाथ जोड़ दिया। पीठ ने केंद्र व जम्मू एवं कश्मीर सरकार को इस संबंध में जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
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याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील विष्णु जैन ने पीठ से कहा कि जम्मू-कश्मीर का अलग संविधान, भारतीय संविधान केविपरीत है। याचिका में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर का संविधान भारतीय नागरिकों केसाथ भेदभाव करता है, लिहाजा इसे निरस्त किया जाना चाहिए। साथ ही याचिका में भारतीय संसद से अनुच्छेद-370 में संशोधन का हक छीनने वाले राष्ट्रपति आदेश, 1954 को भी निरस्त करने की गुहार की गई है।
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