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मृत सागर को लीलने लगी है असली मौत

Sun, 27 Dec 2015 02:33 AM IST
Updated Sun, 27 Dec 2015 02:33 AM IST
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story on dead sea israel

इस्राइल का मृत सागर अब असली मौत मरने लगा है। दुनिया भर में मशहूर इस अजूबे का दक्षिणी हिस्सा पानी की कमी के कारण सिकुड़ रहा है। जगह-जगह टापू उभर आए हैं। पर्यटकों का जमावड़ा अब भी रहता है, लेकिन जलवायु परिवर्तन का असर इस खारे समुद्र पर साफ दिख रहा है।

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इस्राइल के रेगिस्तान में यह समुद्र वर्षों से पर्यटकों को अपनी ओर खींचता रहा है। इसके जल से बनी दवाएं और सौंदर्य प्रसाधन दुनिया भर में मशहूर हैं। इस खारे पानी को त्वचा संबंधी रोगों और अन्य बीमारियों के लिए भी रामबाण माना जाता है।
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यरुशलम से अलमोग जंक्शन होते हुए मृत सागर तक की यात्रा रेगिस्तान का सफर है। रास्ते में जार्डन नदी के पास वाले इलाके में ही कुछ देर तक हरियाली है।

कई चर्च पड़े हैं खाली

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बाकी पूरा रास्ता गेरुआ रंग वाली सख्त मिट्टी-पत्थरों से बने पहाड़ों से घिरा है। कुछ स्थानों पर अब खजूर की खेती की जाने लगी है। इसके लिए पताल तोड़ कुएं के पानी का इस्तेमाल होता है।

ड्रिप सिंचाई से बूंद-बूंद पानी पौधों की जड़ों तक सीधे पहुंचाया जाता है। जार्डन की सीमा पर जार्डन नदी पर भी सैनिकों का पहरा है। पास में कई बड़े-बड़े चर्च खाली पड़े हैं।

इस्राइल और जार्डन में हुए युद्ध के बाद से लगभग 48 साल से इन चर्चों में प्रार्थना नहीं होती। पूरा इलाका खाली पड़ा है। जार्डन नदी के जल को पवित्र माना जाता है। कई पर्यटक इस जल को बोतलों में अपने साथ ले जाते हैं।

जलवायु परिवर्तन ने बारिश को और भी कम किया

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नदी छोटी है लेकिन इस मरुभूमि में इसका वजूद एक वरदान जैसा है। इस्राइल ने जार्डन नदी के पानी को अब अपने दक्षिणी हिस्से वाली आबादी के लिए उपयोग करना शुरू कर दिया है।

पहले जार्डन नदी का पानी मृत सागर में जाता था और उसे नया जीवन देता था। अब इसे मृत सागर में जाने से रोक दिया गया है। इससे मीठे और खारे पानी का अद्भुत मिलन खत्म हो गया है। मृत सागर के सिकुड़ने का यह भी एक बड़ा कारण है। इस रेगिस्तान में पहले भी कम बारिश होती थी और अब जलवायु परिवर्तन के प्रभावों ने बारिश को और घटा दिया है।

लिहाजा मृत सागर असली मौत की ओर बढ़ने लगा है। हालांकि जार्डन के इलाके में इसमें अब भी गहरा पानी है। अत्यधिक नमक की मौजूदगी ने मृत सागर के पानी से जीवन तत्व छीन लिया है। इसमें कोई समुद्री जीवजंतु और मछलियां नहीं हैं। इस पानी का घनत्व ज्यादा है इसलिए इसमें उतरने पर शरीर पानी के ऊपर तैरने लगता है। पर्यटन तैरते हुए अखबार पढ़ते हुए देखे जा सकते हैं।

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