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भारतीय जवान ने सरहद पार जाकर दी नेपाली जुड़वा बच्चों को जिंदगी
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 30 May 2016 08:52 PM IST
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सरहद पार करके दी जुड़वा बच्चों को जिंदगी
- फोटो : ani
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भावनाएं सीमाओं से परे होती हैं, उन्हें किसी सीमा में नहीं बांधा जा सकता इसी का ताजा उदाहरण पेश किया है हमारे देश के एसएसबी के जवान विजय के. इस्सर ने। एसएसबी जवान ने बिहार में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नेपाल में जन्में दो जुड़वा बच्चों को अपना दर्लभ रक्त समूह का रक्त दान करके जिंदगी दी है।
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अधिकारी के मुताबिक 24 तारीख को नेपाल के रौतहट जिला के निवासी नवीन कुमार ने सीमा की सुरक्षा कर रहे सशस्त्र सीमा बल के जवानों के पास आए और उनसे अनुरोध किया कि उसे 'ओ-वीई' रक्त की शख्त जरूरत है, उसके दो जुड़वा बच्चों के लिए जो बहुत ही गंभीर स्वास्थ्य समस्या से गुजर रहे हैं।
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अधिकारी ने बताया कि नवीन और उसकी पत्नी सीमा को जब इस दर्लभ रक्त समूह का कोई भी व्यक्ति अपने क्षेत्र में नहीं मिला तो उन्होंने सहायता के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बिहार के सीतामढ़ी जिले की एसएसबी की भंगा चौकी का दरवाजा खटखटया।
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20वीं बटालियन के कंपनी कमांडर विजय के. इस्सर का रक्त समूह ओ-वीई निकल आया। उन्हें जब पता लगा तो उन्होंने अपने नेपाली समकक्ष से संपर्क किया और सरहद पार करके ब्रजा गाव में जाकर अपना दुर्लभ रक्त दान किया।
एसएसबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस्सर ने अपना एक युनिट रक्त दान करके इसी साल मार्च में जन्में उन दो जुड़वा बच्चों की जान बचाई। अर्द्धसैनिक बल एसएसबी 1751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा की रखवाली करता है।