{"_id":"5c11536ebdec2212cc53adbf","slug":"sri-lanka-ranil-wickremesinghe-proves-his-majority-in-parliament","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीलंका : सिरीसेना को झटका, विक्रमसिंघे ने संसद में बहुमत साबित किया","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
श्रीलंका : सिरीसेना को झटका, विक्रमसिंघे ने संसद में बहुमत साबित किया
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:59 PM IST
विज्ञापन
श्रीलंका के बर्खास्त प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीलंका के बर्खास्त प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने बुधवार को संसद में जबर्दस्त तरीके से बहुमत साबित कर दिया। 225 सांसदों में से 117 ने उनके नेतृत्व में विश्वास प्रस्ताव पारित किया।
विज्ञापन
विश्वास प्रस्ताव को मंजूरी राष्ट्रपति सिरीसेना के लिए झटका है, जिन्होंने व्यक्तिगत पसंद-नापसंद के कारण विक्रमसिंघे को दोबारा प्रधानमंत्री नियुक्त करने से इनकार कर दिया था। वहीं संसद में पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे अब तक बहुमत साबित करने में नाकाम रहे हैं।
विज्ञापन
मुख्य तमिल अल्पसंख्यक पार्टी टीएनए ने विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। हालांकि, मार्क्सवादी जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) मतदान से दूर रही। यदि जेवीपी के छह सांसद पक्ष में मतदान करते तो संसद में विक्रमसिंघे की स्थिति और मजबूत होती।
विज्ञापन
बता दें कि श्रीलंका में राजनीतिक संकट तब शुरू हुआ जब सिरीसेना ने 26 अक्टूबर को प्रधानमंत्री पद से रानिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर उनकी जगह राजपक्षे को नियुक्त किया था। लेकिन संसद और सुप्रीम कोर्ट ने सिरीसेना के फैसलों को पलट दिया। नतीजतन देश में राजनीतिक संकट की स्थिति पैदा हो गई।