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यूक्रेन की फौज के कब्जे में हुआ स्लोवियांस्क शहर

Sun, 06 Jul 2014 10:26 AM IST
Updated Sun, 06 Jul 2014 10:26 AM IST
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sloviansk city was occupied by the ukraine army

विद्रोहियों के गढ स्लोवियांस्क पर दोबारा कब्जा किए जाने पर यूक्रेन के राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको ने इसे तीन महीने के संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड की शुरुआत बताते हुए इसका स्वागत किया है।

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पेट्रो पोरोशेंको ने कहा कि यह पूरी जीत तो नहीं थी लेकिन इस घटनाक्रम का एक बडा "प्रतीकात्मक महत्व" है।

युद्धविराम खत्म होने के बाद इस हफ्ते सरकारी सैन्य बलों ने दोनेत्स्क और लुहांस्क क्षेत्रों में एक आक्रामक अभियान की शुरुआत की जिसके बाद उसे क्षेत्रीय स्तर की सफलता मिली है।
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उत्तरी क्षेत्र को खाली करेंगे विद्रोही!

sloviansk city was occupied by the ukraine army

रूसी समर्थक चरमपंथियों ने अब भी दो क्षेत्रीय राजधानियों और अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर अपना कब्जा बनाए रखा है।

लेकिन स्लोवियांस्क को विद्रोहियों का प्रमुख गढ माना जाता रहा है और यह स्वघोषित पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ दोनेत्स्क का सैन्य केंद्र था।

एक विद्रोही प्रवक्ता ने कहा कि विद्रोही पूरे "उत्तरी क्षेत्र" को खाली कर देंगे और वापस दोनेत्स्क शहर में चले जाएंगे।

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विश्लेषण: डेविड स्टर्न, बीबीसी समाचार, कीएफ

sloviansk city was occupied by the ukraine army

अब तक सरकार मिली जीत में स्लोवियांस्क पर फिर से कब्जा करना और सिटी हॉल के ऊपर यूक्रेन का झंडा लहराना सबसे अहम है।

यह शहर विद्रोहियों का एक मुख्य केंद्र तो था ही साथ ही यह चरमपंथियों की क्षमता का प्रतीक बन चुका था जिसकी बदौलत पूर्वी क्षेत्र में फिर से नियंत्रण करने की कीएफ की कोशिशों को विफल किया जाता रहा था।

ऐसा लगता है कि विद्रोही एक दूसरे प्रमुख शहर क्रामातोर्स्क को भी खाली कर रहे होंगे। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह यूक्रेन में चल रहे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड है या फिर यह महज संघर्ष क्षेत्र में एक बदलाव भर है?

विद्रोही इसे पीछे हटने का एक रणनीतिक कदम कह रहे हैं जो आमतौर पर हार का ही संकेत देता है।

लेकिन अगर वे दोनेत्स्क की तरफ सामूहिक रूप से आगे बढ रहे हैं तब वे सैन्य बलों को बडी चुनौती दे सकते हैं।

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