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पीएम शेख हसीना बोलीं- पूर्व मुख्य न्यायधीश की किताब में सरकार विरोधी अखबार मालिकों का लगा है पैसा
एजेंसी, ढाका
Updated Sun, 30 Sep 2018 06:08 AM IST
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Sheikh Hasina
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा की ऑटोबायोग्राफी में सरकार विरोधी अखबार मालिकों का पैसा लगा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में पूर्व मुख्य न्यायाधीश पर निशाना साधते हुए हसीना ने कहा कि कोई मुझे बताएगा कि इस किताब की लॉचिंग में किसका पैसा लगा है? मैं इस बारे में (उत्तर) जानना चाहती हूं... मैं आप लोगों से जानना चाहती हूं। सिन्हा ने ए ब्रोकेन ड्रीम: रूल ऑफ लॉ, ह्यूमन राइट्स एंड डेमोक्रेसी नाम से ऑटोबायोग्राफी लिखी है।
सिन्हा बांग्लादेश के पहले हिंदू मुख्य न्यायाधीश थे। सरकार द्वारा संविधान में किए गए 16वें संशोधन को रद्द करने के बाद जुलाई, 2017 में वह शेख हसीना सरकार के निशाने पर आए थे। इसके बाद अचानक वह बांग्लादेश छोड़कर ऑस्ट्रेलिया चले गए और एक महीने बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक बयान जारी कर उनपर भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितता जैसे कई आरोप लगाए थे।
ऑटोबायोग्राफी में हसीना सरकार पर थे लगाए आरोप
दरअसल, सिन्हा ने विदेश में प्रकाशित अपनी ऑटोबायोग्राफी में दावा किया था कि मुख्य न्यायाधीश रहते हुए जब उन्हें नजरबंद किया गया था, तब दूसरे जजों या वकीलों को भी उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी जाती थी। मीडिया में मुझे बीमार बताया गया था। शेख हसीना सरकार का लगभग हर मंत्री यही बयान दे रहा था कि इलाज के लिए मुझे देश से बाहर जाना पड़ेगा।
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सिन्हा बांग्लादेश के पहले हिंदू मुख्य न्यायाधीश थे। सरकार द्वारा संविधान में किए गए 16वें संशोधन को रद्द करने के बाद जुलाई, 2017 में वह शेख हसीना सरकार के निशाने पर आए थे। इसके बाद अचानक वह बांग्लादेश छोड़कर ऑस्ट्रेलिया चले गए और एक महीने बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एक बयान जारी कर उनपर भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितता जैसे कई आरोप लगाए थे।
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ऑटोबायोग्राफी में हसीना सरकार पर थे लगाए आरोप
दरअसल, सिन्हा ने विदेश में प्रकाशित अपनी ऑटोबायोग्राफी में दावा किया था कि मुख्य न्यायाधीश रहते हुए जब उन्हें नजरबंद किया गया था, तब दूसरे जजों या वकीलों को भी उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी जाती थी। मीडिया में मुझे बीमार बताया गया था। शेख हसीना सरकार का लगभग हर मंत्री यही बयान दे रहा था कि इलाज के लिए मुझे देश से बाहर जाना पड़ेगा।
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