फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   serial blasts in iraq 60 killed

इराक में सिलसिलेवार धमाके, 60 मरे

Tue, 21 May 2013 08:09 AM IST
Updated Tue, 21 May 2013 08:09 AM IST
विज्ञापन
serial blasts in iraq 60 killed

दक्षिणी और मध्य इराक में सोमवार को हुए कार बम धमाकों में अब तक कम से कम 60 लोग मारे जा चुके हैं और कई अन्य घायल हुए हैं।

विज्ञापन


इन धमाकों से सबसे ज़्यादा बग़दाद प्रभावित हुआ है। बस स्टेशन और बाज़ार समेत बग़दाद में कुल नौ धमाके हुए हैं। धमाके मुख्यत: शिया बहुल जिलों में हुए हैं।

सोमवार सुबह दक्षिणी इराक़ के शहर बसरा में में दो बम धमाके हुए। समारा में हुए एक धमाके में तीन लोग मारे गए थे।

इन धमाकों को इराक़ में बढ़ते हुए राजनीतिक और सांप्रदायिक तनाव से जोड़कर देखा जा रहा हैं। पुलिस के अनुसार सोमवार को हुई हिंसा में करीब 200 लोग घायल हुए है। मरने वालों में आठ ईरानी तीर्थयात्री भी हैं।
विज्ञापन


उत्तरी इराक भी प्रभावित
उत्तरी इराक का शिया बहुल इलाका शाब भी इन धमाकों में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इलाके के भीड़ भरे बाजार में हुए कार धमाके में कम से कम बारह लोग मारे गए और बीस से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिया बहुल शहर बसरा में एक रेस्टोरेंट और बस स्टेशन के बाहर हुए धमाकों में कम से कम चौदह लोग मार गए हैं।

बगदाद से 113 किमी दूर स्थित समारा शहर में हुए धमाकों में तीन लोग मारे गए और पंद्रह लोग घायल हुए हैं। अब तक मिली खबरों के अनुसार यह धमाका सरकार समर्थक सुन्नी लड़ाकों के एक जमावड़े के पास हुआ था।

अब तक किसी भी समूह ने सोमवार को हुए धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि बहुसंख्यक शिया और अल्पसंख्यक सुन्नी तबके के बीच पिछले साल से ही तनाव बढ़ता जा रहा है। शिया तबके का सरकार में वर्चस्व है।


'अनदेखी' का आरोप
सुन्नी प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नौरी अल-मलिकी पर सुन्नियों की अनदेखी का आरोप लगाया है। हालांकि सरकार ने इस आरोप से इनकार किया है।

बीबीसी के इराक संवाददाता अलीम मक़बूल के अनुसार ''पिछले कुछ हफ्तों में जिस तरह की हिंसा हुई है इराक में पिछले पाँच सालों में ऐसी हिंसा नहीं देखी गई।''

अप्रैल में सरकार विरोध कैम्प पर मारे गए छापे के दौरान अरब सुन्नियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ में पचास लोगों के मारे जाने के बाद से हिंसा की घटनाओं में काफी बढ़ोत्तरी हुई है।

हिंसा की बढ़ती हुई घटनाओं से इराक में 2006-2007 में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौर के वापसी की आशंका बढ़ गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed