गजा-इसराइल में तत्काल संघर्षविराम होः सिक्यूरिटी काउंसिल
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इसराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष को फौरन समाप्त करने की अपील की है। सोमवार को हुई एक आपात बैठक में सुरक्षा परिषद ने कहा कि आम नागरिकों की मौत गंभीर चिंता का विषय है।
पिछले दो हफ्तों से इसराइल और गजा के हमास चरमपंथियों के बीच जारी संघर्ष में रविवार सबसे खूनखराबे वाला दिन रहा है। रविवार को 100 से अधिक फलस्तीनी और 13 इसराइली सैनिक मारे गए हैं।
चरमपंथी संगठन हमास के अनुसार उसने एक इसराइली सैनिक को बंदी बना लिया है। लेकिन इसराइल ने इस दावे को खारिज कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र में इसराइल के दूत रॉन प्रोसोर ने कहा कि हमास के दावे सही नहीं हैं।
तीन साल पहले इसराइल को अपने एक सैनिक की रिहाई के लिए 1000 फलस्तीनियों को रिहा किया था। मध्य पूर्व संकट पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक चल रही है।
अमरीकी मंत्री जॉन केरी सोमवार से मध्य पूर्व की यात्रा पर जा रहे हैं ताकि मध्य पूर्व जारी संघर्ष को रोका जा सके।
आठ जुलाई से शुरू हुए इसराइली हमले को रोकने के लिए इसराइल और फलस्तीनी समूह हमास के बीच रविवार को जो युद्धविराम हुआ था वो महज घंटे भर ही जारी रह सका।
400 से ज्यादा हुआ मौतों का आंकड़ा
अब तक कुल मिलाकर 425 फलस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं जिसमें सौ से अधिक बच्चे शामिल हैं।
रविवार को ही इसराइल के 13 सैनिकों की मौत हो गई। इसके साथ ही अब तक कुल 18 इसराइली जवान इस संघर्ष का शिकार हो चुके हैं। इसराइल के दो आम नागरिक भी हमले में मारे गए हैं।
रविवार को हुई अधिकतर मौतें शेजिया के इलाके में ही हुईं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक गजा में 83 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं और उनमें से अधिकांश उसके राहत शिविरों में रहे रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गजा में मृतकों के शव सडकों और गलियों में यूं ही पडे हुए है। इस बात का भी डर है कि शव उन सैकडों भवनों के मलबों के नीचे भी दबे हो सकते हैं जो हवाई हमलों और तोपों के गोलों की मार से ढह गए हैं।
रविवार को घंटे भर के यु्द्धविराम के बीच रेड क्रिसेंट के कार्यकर्ता बहुत सारे शवों को मलबों से निकाल कर ले गए।
अभी भी जारी हैं हमले
इस बीच हमास ने इसराइल की रॉकेट दागने का सिलसिला जारी रखा है। उसका एक रॉकेट आशकेलन शहर में जाकर गिरा।
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका मुल्क चरमपंथियों के ठिकानों को निशाना बना रहा है जिसमें कई बार आम शहरियों को नुकसान उठाना पड रहा है और उन्हें इस बात का दुख है।
लेकिन अंतरराष्ट्रीय बिरादिरी में इस बात को लेकर चिंता है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून शनिवार को कतर पहुंचे हैं जहां वो हमास के नेता के अलावा फलस्तीनी प्रशासन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से भी मिले।