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सरबजीत के दिमाग में खून का जमाव

Sun, 28 Apr 2013 06:59 PM IST
Updated Sun, 28 Apr 2013 06:59 PM IST
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sarabjit blood in brain family in lahore

पाकिस्तान की जेल में कैदियों द्वारा हमले का शिकार हुए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह का परिवार लाहौर पहुंच गया है।

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लाहौर के जिन्ना अस्पताल में भर्ती सरबजीत सिंह कोमा में हैं और उनके इलाज करने वाले चिकित्सकों का कहना है कि उनके दिमाग़ में ख़ून जम गया है और जबतक उनकी तबियत स्थिर नहीं हो जाती, उनका ऑपरेशन नहीं किया जा सकता है।

लाहौर उनसे मिलने जाने वालों में उनकी बहन दलजीत कौर शामिल हैं जिन्होंने कुछ देर पहले अमृतसर में कहा था कि जेल अधिकारियों की मिली भगत के बगैर ऐसी घटना नहीं हो सकती है।
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रविवार को उनके परिवार ने कहा है कि हमले में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के लिए पाकिस्तान को कदम उठाना चाहिए।

पाकिस्तान में हुए एक बम धमाके के सिलसिले में पिछले 21 साल से वहां कै़द सरबजीत पर शुक्रवार को जेल में हमला किया गया था जिसके बाद से उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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सरबजीत के मस्तिष्क में अंदरूनी रक्तस्राव हुआ है। उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी हालत स्थिर नहीं हो जाती, उनकी सर्जरी नहीं की जा सकती। भारत ने पाकिस्तान के सामने सरबजीत के इलाज की पेशकश की है।

वीजा
सरबजीत के परिवार के चार सदस्यों को उन्हें देखने के लिए पाकिस्तान जाने का वीज़ा शनिवार को ही दिया गया था।

पाकिस्तान के दूतावास के अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि ये वीज़ा चार लोगों को दिया गया है, जो पंद्रह दिन के लिए है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दूतावास के अधिकारियों ने परिवार को बताया है कि पाकिस्तान सरकार ने परिवार के एक सदस्य को लाहौर के जिन्ना अस्पताल में रुकने की इजाज़त दे दी है।

साथ ही विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने भरोसा दिलाया है कि सरबजीत सिंह को भारत वापस लाने की कोशिशें जारी रहेंगी।

रूस की अपनी यात्रा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए सलमान खुर्शीद ने कहा कि भारत की ओर से सरबजीत के इलाज के लिए पाकिस्तान के समक्ष पेशकश रखी गई है।

उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान सरबजीत के इलाज में मदद के लिए अनुरोध नहीं करता, तब तक भारत बहुत ज्यादा कुछ नहीं कर सकता।

खुर्शीद ने कहा कि अगर पाकिस्तान को किसी भी मदद की ज़रूरत हो, तो भारत कोई भी मदद देने के लिए तैयार है।

जांच टीम
उधर, पाकिस्तान सरकार ने भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह पर जेल में हुए हमले की जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया है।

पाकिस्तान से बीबीसी संवाददाता इबादुल हक़ ने बताया कि जेल के कुछ अधिकारियों के ख़िलाफ़ भी इस मामले में कार्रवाई की गई है। कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया है।


इस बीच भारत के कई शहरों में सरबजीत पर हुए हमले के खिलाफ़ प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

अहमदाबाद में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के खिलाफ़ नारे लिखकर प्रदर्शन किया।

जम्मू से भी प्रदर्शन की ख़बरें आ रही हैं।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसे एक ‘बहुत दुखद’ घटना बताया है।

उन्होंने कहा, “यह बेहद दुखद है, मुझे लगता है कि जेल में कुछ कैदियों ने उस पर हमला कर दिया।”

पाकिस्तान में सरबजीत पर जानलेवा हमले के मामले में जिन दो कैदियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है वे खुद हत्या के मामले में कैद हैं।

हमला
पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में कैद 49 वर्षीय भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह पर शुक्रवार को छह कैदियों ने हमला किया था। उनके वकील औवेस शेख ने कहा कि सरबजीत को जेल में धमकियां मिल रही थीं और उन्होंने इस बारे में जेल अधिकारियों को भी बताया था।

सरबजीत सिंह पर 1990 में पाकिस्तान में बम धमाकों में हिस्सा लेने का आरोप है। इन हमलों में 14 लोग मारे गए थे।

लेकिन, सरबजीत का परिवार इन आरोपों से इनकार करता है। परिवार के मुताबिक धमाकों में हिस्सा लेने वाले कोई दूसरे लोग थे और ये गलत पहचान का मामला है।

भारत कई स्तर पर सरबजीत के लिए रिहाई का मसला उठा चुका है।

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