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रूसी राष्ट्रपति पुतिन पहली बार क्रीमिया पहुंचे

Sat, 10 May 2014 02:36 PM IST
Updated Sat, 10 May 2014 02:36 PM IST
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russian presindeant visits crimea first time after war

क्रीमिया के रूस में विलय पर राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन पहली बार क्रीमिया पहुंचे हैं। मार्च महीने में रूस ने क्रीमिया को यूक्रेन से अलग करके अपना हिस्सा घोषित कर दिया था, पुतिन ने अपने दौरे में सेवास्तोपोल बंदरगाह पर नाविकों को संबोधित किया है।

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1945 में नाज़ियों पर रूस की विजय की याद में ये समारोह आयोजित किया गया था। दूसरी ओर, यूक्रेन की सरकार ने पुतिन के इस दौरे का विरोध किया है और कहा है कि ‘’ये यूक्रेन की संप्रभुता का उल्लंघन’’ है।
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इस बीच रिपोर्टों के अनुसार मारियूपोल में यूक्रेनी सेना और अलगाववादियों की बीच गोलीबारी में कई लोगों की मौत हुई है। मारियूपोल से मिले फुटेज में कई टैंक और गोलियों की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
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किएव में पिछले दिनों सरकारी इमारतों पर रुस समर्थक विद्रोहियों के कब्ज़े को खत्म करने के लिए अभियान शुरु किया गया था। यूक्रेनी सेना ने शुक्रवार को मारियूपोल में पुलिस मुख्यालय पर हमला कर के उसमें आग लगा दी थी।

मेडिकल सूत्रों के अनुसार इसमें तीन लोग मारे गए हैं।

राष्ट्रपति पुतिन ने सेवास्तोपोल में सेना का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध में उनकी भूमिका सराहनीय रही थी। उन्होंने क्रीमिया को रुस में शामिल करने के लिए भी सेना की तारीफ की। इससे पहले पुतिन ने मॉस्को के रेड स्कवायर पर हज़ारों लोगों को संबोधित किया जो परेड देखने पहुँचे थे।

रूसी इच्छाशक्ति

पुतिन ने अपने भाषण में यूक्रेन का ज़िक्र तो नहीं किया लेकिन उन्होंने कहा कि वो ‘मातृभूमि’ की रक्षा के लिए तत्पर हैं।

पुतिन ने कहा कि नौ मई का दिन उनके लिए ‘अत्यंत दुख और चिरकाल के लिए यादगार दिन’ है। नौ मई रुस में विजय दिवस के रुप में मनाया जाता है।

पुतिन का कहना था कि रूस की 'मज़बूत इच्छाशक्ति के कारण ही यूरोप में लोगों को गुलामी से बचाया जा सका था। रूस की सरकारी टीवी के अनुसार रेड स्कवायर पर 20 साल में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे।

उल्लेखनीय है कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब जर्मनी ने रूस पर आक्रमण किया था तो उसमें यूक्रेन भी शामिल था। इसके बाद 1954 में क्रीमिया यूक्रेन के प्रशासन में आ गया था।


सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस ने क्रीमिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए रखी। क्रीमिया की अधिकतर आबादी अपने आप को रूस से जोड़कर देखती है।

इस साल रूस समर्थक राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को पद से हटाए जाने क बाद यूक्रेन में पैदा हुई अराजक स्थितियों के दौरान रूस की सेना ने क्रीमिया को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

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