फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   Russia-America face-to-face diplomatic complexes

राजनयिक परिसरों को लेकर रूस-अमेरिका आमने-सामने

Tue, 18 Jul 2017 11:52 AM IST
BBC
BBC Updated Tue, 18 Jul 2017 11:52 AM IST
विज्ञापन
 Russia-America face-to-face diplomatic complexes
मेरीलैंड कॉम्प्लेक्स - फोटो : BBC

रूस अमेरिका से मांग कर रहा है कि वो पिछले साल कब्जे में लिए गए दो राजनयिक परिसरों तक उसे पहुंचने दे। रूसी उप विदेशमंत्री सर्गेई रियाबकोव के अनुसार दोनों पक्षों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस मसले को लगभग सुलझा लिया गया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका की इस कार्रवाई को ''दिनदहाड़े डकैती'' करार दिया था। पिछले साल दिसंबर में अमेरिका ने 35 रूसी राजनयिकों को बर्खास्त कर दिया था और इन परिसरों को बंद कर दिया था। अमेरिका ने तब आरोप लगाया था कि ये लोग अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। रूस और अमेरिका के अधिकारियों ने इस मसले पर बात की है।

विज्ञापन

अमेरिकी विदेश मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी थॉमस शैनन ने रूसी उप विदेशमंत्री सर्गेई रियाबकोव की वॉशिंगटन में मेजबानी की है। रियाबकोव और अमरीकी राजदूत के बीच 3 घंटे तक बैठक हुई। बैठक के बाद पत्रकारों के साथ बात करते हुए रियाबकोव ने कहा कि इस मसल को 'लगभग' सुलझा लिया गया है। दूसरी तरफ अमेरिकी अधिकारी की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया। ये बैठक जून में सेंट पीटर्सबर्ग में होनी थी, लेकिन यूक्रेन में रूसी गतिविधियों के विरोध में अमरीका ने जब 38 लोगों और संगठनों को प्रतिबंध सूची में डाल दिया तो ये बैठक स्थगित हो गई थी। बैठक से पहले रूस ने साफ किया था कि उनकी मांग राजनायिक सुविधाएं बहाल करने से संबंधित हैं।
विज्ञापन


रूसी प्रवक्ता पेस्कोव का कहना था, "हमें ये कतई स्वीकार नहीं कि अमेरिका राजनयिक संपत्तियों को लौटाने को लेकर शर्तें लगाए। हमारा मानना है कि रूसी संपत्ति बिना किसी शर्त या वार्ता के लौटाई जानी चाहिए।" विदेश मंत्री लावरोव का कहना था कि ये अच्छी परवरिश वाले और भले लोगों का तरीका नहीं है। बेलारूस की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने कहा, "आप ऐसी किसी संपत्ति को कैसे जब्त कर सकते हैं जो एक द्विपक्षीय, अंतर-सरकारी दस्तावेज द्वारा संरक्षित है और जब उसे लौटाने की बात हो तो आप ये कहें कि 'हमारा तो हमारा है और जो आपका है उसे हम साझा करेंगे'।"

विज्ञापन
विज्ञापन

 Russia-America face-to-face diplomatic complexes
लॉन्ग आइलैंड प्रॉपर्टी - फोटो : BBC

पिछले हफ्ते रूस ने कहा था कि वो भी बदले में वैसी ही कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है जिसमें 30 अमेरिकी राजनयिकों की बर्खास्तगी और अमेरिकी संपत्ति को जब्त करना शामिल है। जब अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने रूसी एजेंट्स पर डेमोक्रैटिक पार्टी के कंप्यूटरों की हैकिंग कर हिलेरी क्लिंटन के चुनाव प्रचार को प्रभावित करने का आरोप लगाया तो पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने रूस के खिलाफ कार्रवाई की थी।

अमेरिका ने मेरीलैंड के पूर्वी तट पर 45 एकड़ में बनी एक भव्य इमारत को कब्जे में लिया है। ये रूसी राजनयिक संपत्ति है। इसे शीत युद्ध के समय हासिल किया गया था और इसका इस्तेमाल रूसी राजनयिक टेनिस खेलने और तैराकी जैसे मनोरंजन के लिए करते थे। लेकिन यहां बेहद उन्नत संचार उपकरण भी लगे हैं और अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इसका इस्तेमाल जासूसी करने में भी होता था।

दूसरी राजनयिक संपत्ति न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड में ग्लेन कोव में है। ये 49 कमरों वाली इमारत है जो कि जंगल से घिरी है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मेरीलैंड वाले बंगले की तरह ही इसकी लोकेशन भी अमेरिकी संचार तंत्र पर नजर रखने में हो सकती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed