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‘संयुक्त राष्ट्र प्रवास एजेंसी’ का सनसनीखेज खुलासा, अपनी लड़कियों को बेच रहे रोहिंग्या
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Thu, 18 Oct 2018 05:03 AM IST
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बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों की संख्या करीब 10 लाख तक पहुंच गई है। इस बीच, ‘संयुक्त राष्ट्र प्रवास एजेंसी’ (आईओएम) एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है कि म्यांमार से आने वाले रोहिंग्या अपनी युवतियों को बंधुआ मजदूरी के लिए बेच रहे हैं।
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आईओएम ने मंगलवार को कहा कि रोहिंग्या परिवार थोड़े से पैसों के लिए हताशा में अपनी बेटियों को खतरनाक माहौल में काम करने के लिए भेज रहे हैं। जो महिलाएं और लड़कियां इस बंधुआ मजदूरी में फंसी हैं उनमें से दो-तिहाई कॉक्स बाजार में संयुक्त राष्ट्र से मिलने वाली मदद का लाभ ले रही हैं। इसके अलावा करीब 10 फीसदी महिलाएं और लड़कियां यौन उत्पीड़न की शिकार हैं।
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पुरुष और बच्चे भी शोषण के शिकार
एजेंसी ने बताया कि पुरुष और बच्चे भी इस शोषण से अछूते नहीं हैं। बंधुआ मजदूरी में लगे करीब एक तिहाई शरणार्थी रोहिंग्या हैं। कॉक्स बाजार में सुरक्षा सेवाओं की ‘संयुक्त राष्ट्र प्रवास एजेंसी’ प्रमुख डिना पारमेर ने बताया कि रोहिंग्या लोग पूरे परिवार के लिए एक सदस्य की कुर्बानी देने का तर्क देते हैं। कुछ पीड़ितों को इससे जुड़े खतरों की जानकारी नहीं है या तो वे अपने हालात से आजिज आ चुके हैं।