फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   Rohingyas may use sea routes to sneak in India, Terrorist groups conspiring to create Jihadi

समुद्र के रास्ते भारत में घुसपैठ को तैयार रोहिंग्या, आतंकी संगठन कर रहे जिहादी बनाने की साजिश

Mon, 18 Sep 2017 09:08 AM IST
amarujala.com- Presented by: ऋतुराज त्रिपाठी
amarujala.com- Presented by: ऋतुराज त्रिपाठी Updated Mon, 18 Sep 2017 09:08 AM IST
विज्ञापन
Rohingyas may use sea routes to sneak in India, Terrorist groups conspiring to create Jihadi
रोहिंग्या मुसलमान

भारत-म्यांमार बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा के बीच इंटेलीजेंस एजेंसी ने चेतावनी दी है कि रोहिंग्या मुसलमान पेशेवर तस्करों की मदद से समुद्र के रास्ते देश में घुसपैठ कर सकते हैं। रोहिंग्या मुसलमान स्थानीय एजेंसियों द्वारा उत्पीड़न और स्थानीय बौद्ध आबादी के साथ उनके विवाद के बाद 2012 से म्यांमार भाग रहे हैं।

विज्ञापन


पढ़ें: रोहिंग्याओं को देश में फैलने से रोकने के लिए बांग्लादेश बना रहा 14,000 नए शिविर
विज्ञापन


भारत भी भारी मात्रा में हुए पलायन से प्रभावित हुआ है। 40 हजार रोहिंग्या असम, वेस्ट बंगाल, जम्मू, यूपी और दिल्ली के कैंप में रह रहे हैं। रोहिंग्या बंगाल जैसे क्षेत्रों में घुसपैठ करने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं। सीनियर इंटेलीजेंस अधिकारियों ने मीडिया को बताया पेशेवर तस्कर ज्यादातर समुद्र के रास्ते म्यांमार से बंग्लादेश आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि संबंधित सभी सुरक्षा एजेंसियां इस तरह के किसी भी प्रयास से बचाव के लिए तैयार हैं। अधिकारियों के मुताबिक पेशेवर तस्कर अपने पुराने अनुभव के आधार पर रोहिंग्या परिवारों को बड़ी नाव और हाई स्पीड राफ्ट्स की मदद से भगाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि इन रास्तों का प्रयोग इस्लामिक स्टेट के सपोटर्स के द्वारा भी किया जायेगा। 

पढ़ें: त्रिपुरा में रोहिंग्या शरणार्थियों की गिरफ्तारी, सीमा पर अलर्ट

एजेंसी म्यांमार के साउथर्न पार्ट पर भी नजर बनाए हुए हैं जहां रोहिंग्या अंडमान निकोबार द्वीप में घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं। बीएसएफ और असम राइफल्स ने भी रोहिंग्या की आबादी को बढ़ने से रोकने के लिए म्यांमार बॉर्डर पर गश्त बढ़ा दी है।

खूफिया सूत्रों के मुताबिक तस्कर और रोहिंग्या बंगाल जाने के लिए उत्सुक हैं क्योंकि बंगाल सरकार ने उनके प्रति सहानुभूति जताई है और पहले ही घोषणा कर चुकी है कि म्यांमार के शरणार्थियों को आश्रय मिलेगा। 

रोहिंग्याओं को जिहादी बनाने की साजिश

Rohingyas may use sea routes to sneak in India, Terrorist groups conspiring to create Jihadi
Terrorist

हालांकि केंद्र सरकार 40 हजार अवैध तरीके से रह रहे रोहिंग्याओं के निर्वासन की व्यवस्था कर रही है। केंद्रीय राज्य गृह मंत्री किरण रिजजू इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं। रिपोर्टस के मुताबिक अलकायदा, आईएसआईएस और जमात उद दावा जैसे संगठन  ने अपने आतंकियों को रोहिंग्या कैंप में भेजा है।

संगठनों के आतंकी इंडोनेशिया, बंग्लादेश और संभल है कि भारत में भी भेजे गये हैं। इन आतंकियों का मकसद रोहिंग्या कैंप के भोले और मासूम लड़कों को जिहादी बनाना हैं। म्यामांर में रोहिंग्या का अका मुल मुजाहिदीन(AMM) नाम का अातंकी संगठन है।

जिसे हरकत उल जिहाद इस्लामी अराकन और अरकन रोहिंग्या सलवेशन आर्मी की शाखा माना जाता है। आपको बता दें कि भारत ने बांग्लादेश के लिए ऑपरेशन इंसानियत के तहत राहत सामग्री भेजी है।राहत सामग्री भेजने के लिए C-17 हैवी लिफ्ट एयरक्रॉफ्ट का प्रयोग किया गया।

रिपोर्टस के मुताबिक भारत में स्थापित 40 हजार रोहिंग्या में से केवल 16 हजार रोहिंग्या ने रिफ्यूजी दस्तावेज प्राप्त किये हैं। आपको बता दें कि रोहिंग्या प्रवासियों मोहम्मद सलीमुल्ला और मोहम्मद शकीर ने सरकार के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें अवैध तरीके से भारत में रह रहे रोहिंग्या को वापस म्यांमार भेजने की व्यवस्था की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed