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जापानः झाड़ू पकड़े रोबोट की तस्वीर पर विवाद
Updated Wed, 15 Jan 2014 04:15 PM IST
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जापान के एक अकादमिक जर्नल के मुखपृष्ठ पर झाड़ू पकड़े हुए एक महिला रोबोट की तस्वीर छापने के बाद जर्नल पर लिंगभेद के आरोप लगे हैं।
जापानी सोसायटी फ़ॉर आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस जर्नल के मुखपृष्ठ पर यह चित्र छपा है।
असाही शिंबुन अख़बार में छपी ख़बर के अनुसार यह चित्र एक प्रतियोगिता का हिस्सा है। इसे एक महिला कलाकार ने यह दिखाने के लिए बनाया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता किस तरह हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डाल सकती है।
एक अन्य जापानी कलाकार, स्पुत्निको ने इस चित्र को "सूनी आँखों वाला एक गाइनोएड (महिला जैसा दिखने वाला) रोबोट" बताया है।
उनके अनुसार चित्र में वैश्विक लैंगिक मुद्दों को लेकर संवेदनशीलता की कमी दिखती है।
'हंगामा तो होगा ही'
स्पुत्निको, कलाकार ने बताया कि "किसी अमरीकी अकादमिक जर्नल में अगर कोई काला सफ़ाई वाला रोबोट दिखाया जाएगा तो उससे हंगामा तो होगा ही।"
स्पुत्निको ने अख़बार को कहा, "किसी अमरीकी अकादमिक जर्नल में अगर कोई काला सफ़ाई वाला रोबोट दिखाया जाएगा तो उससे हंगामा तो होगा ही।"
शिक्षकों और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वालों को भी शायद ऐसा लगता है कि इस जर्नल ने ग़लत संदेश दिया है।
ओसाका विश्वविद्यालय की प्रोफ़ेसर, हिदेयूकि हिराकावा, ने असाही शिमबुन को कहा कि ऐसा मुखपृष्ठ एक विज्ञान जर्नल के लिए "अनुपयुक्त" था।
लेकिन जर्नल ने मुखपृष्ठ के लिए इस तस्वीर के चयन के अपने फ़ैसले का बचाव किया है।
जर्नल के संपादकीय बोर्ड के प्रमुख ने इस तस्वीर के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा कि कुल जमा 100 प्रविष्टियों में से इस तस्वीर को सोसायटी के सदस्यों का जबर्दस्त समर्थन मिला।
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जापानी सोसायटी फ़ॉर आर्टिफ़िशियल इंटेलीजेंस जर्नल के मुखपृष्ठ पर यह चित्र छपा है।
असाही शिंबुन अख़बार में छपी ख़बर के अनुसार यह चित्र एक प्रतियोगिता का हिस्सा है। इसे एक महिला कलाकार ने यह दिखाने के लिए बनाया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता किस तरह हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर डाल सकती है।
एक अन्य जापानी कलाकार, स्पुत्निको ने इस चित्र को "सूनी आँखों वाला एक गाइनोएड (महिला जैसा दिखने वाला) रोबोट" बताया है।
उनके अनुसार चित्र में वैश्विक लैंगिक मुद्दों को लेकर संवेदनशीलता की कमी दिखती है।
'हंगामा तो होगा ही'
स्पुत्निको, कलाकार ने बताया कि "किसी अमरीकी अकादमिक जर्नल में अगर कोई काला सफ़ाई वाला रोबोट दिखाया जाएगा तो उससे हंगामा तो होगा ही।"
स्पुत्निको ने अख़बार को कहा, "किसी अमरीकी अकादमिक जर्नल में अगर कोई काला सफ़ाई वाला रोबोट दिखाया जाएगा तो उससे हंगामा तो होगा ही।"
शिक्षकों और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वालों को भी शायद ऐसा लगता है कि इस जर्नल ने ग़लत संदेश दिया है।
ओसाका विश्वविद्यालय की प्रोफ़ेसर, हिदेयूकि हिराकावा, ने असाही शिमबुन को कहा कि ऐसा मुखपृष्ठ एक विज्ञान जर्नल के लिए "अनुपयुक्त" था।
लेकिन जर्नल ने मुखपृष्ठ के लिए इस तस्वीर के चयन के अपने फ़ैसले का बचाव किया है।
जर्नल के संपादकीय बोर्ड के प्रमुख ने इस तस्वीर के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा कि कुल जमा 100 प्रविष्टियों में से इस तस्वीर को सोसायटी के सदस्यों का जबर्दस्त समर्थन मिला।
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