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बंधकों की रिहाई के लिए व्यापक 'अभियान'

Thu, 17 Jan 2013 09:23 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Thu, 17 Jan 2013 09:23 PM IST
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release of hostages campaign in algeria

ब्रितानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अल्जीरिया में एक तेल संयंत्र पर बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाने के लिए सैन्य अभियान जारी है।

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अल्जीरियाई सैनिकों ने इन अमेनास में इस संयंत्र को घेर रखा है जहां बुधवार से इस्लामी चरमपंथियों ने कई विदेशियों समेत दर्जनों कर्मचारियों को बंधक बना रखा है।
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इस बीच गुरुवार को मीडिया खबरों में चरमपंथियों के हवाले से कहा गया है कि सैन्य अभियान के दौरान 34 बंधक और 14 अपहर्ता मारे गए हैं।

मॉरिटानिया की समाचार एजेंसी और अल जलीजा टीवी चैनल ने अपने सूत्रों के हवाले से अभियान में इन मौतों की खबर दी है। हालांकि अभी इन मौतों की पुष्टि नहीं हुई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने भी एक चश्मदीद के हवाले से कहा है कि कई मौतें हुई हैं।
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अपहरण
अल्जीरिया में इस्लामी चरमपंथियों ने बुधवार सुबह से ही दर्जनों विदेशी और अल्जीरियाई कर्मचारियों को बंधक बनाया हुआ है।

बुधवार को तेल संयंत्र पर चरमपंथियों के हमले में एक ब्रितानी और एक अल्जीरियाई नागरिक की मौत भी हो गई थी। चरमपंथियों का कहना है कि उन्होंने 41 विदेशियों को बंधक बना रखा है। बंधक बनाए गए विदेशियों में ब्रिटेन, फ्रांस, अमेरिका, नॉर्वे और जापान के नागिरक शामिल हैं।

अल्जीरिया के आंतरिक मामलों के मंत्री दहाउ आउल्द कबीला ने इस हमले के बारे में बताया, "विदेशियों को हवाई अड्डे ले जा रहे काफिले पर चरमपंथियों ने हमला किया, लेकिन चरमपंथी सफल नहीं हो पाए क्योंकि पुलिसकर्मियों ने तुरंत हमला किया। चरमपंथी पेट्रोलियम संयंत्र में बने मकानों की ओर भाग गए और अल्जीरियाई और विदेशी कर्मचारियों को बंधक बना लिया।"

इससे पहले गुरुवार को दिन में खबर आई थी कि 15 विदेशी और 30 अल्जीरियाई बंधक चरमपंथियों की क़ैद से भागने में कामयाब हुए हैं।

कबीला ने बताया कि अपहर्ता अल्जीरिया से हैं और वे अल-कायदा के वरिष्ठ कमांडर मुख़्तार बलमुख़्तार के आदेश पर इस काम को अंजाम दे रहे हैं।

इस पेट्रोलियम क्षेत्र को अल्जीरिया की सरकारी तेल कंपनी सोनात्रा, ब्रितानी तेल कंपनी बीपी और नॉर्वे की स्टेट ऑयल मिलकर चलाते हैं।

कबीला ने अपहरण किए गए इन लोगों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें मकानों की एक इकाई में रखा गया जिस इमारत को सेना ने घेर लिया है।

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