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ऑस्ट्रेलिया में नजर आया सफेद दुर्लभ मगरमच्छ
बीबीसी, हिंदी
Updated Fri, 24 Nov 2017 12:59 PM IST
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सफेद मगरमच्छ
- फोटो : T CROCODILE CONSERVATION & PROTECTION SOCIETY
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उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में सफेद रंग का पूरी तरह से विकसित मगरमच्छ नजर आया है। इस दुर्लभ नजारे से पर्यटन कारोबारी काफी उत्साहित हैं। बीते रविवार को डार्विन के पास ऐडिलेड नदी में नजर आए इस मगरमच्छ का नाम पर्ल रखा गया है। एक प्रत्यक्षदर्शी वन्य जीवन संरक्षक का अनुमान है कि इस मगरमच्छ की लंबाई तीन मीटर (10 फुट) है।
जीवविज्ञानियों के मुताबिक यह मगरमच्छ हाइपोमेलनिज्म की वजह से पीले रंग का नजर आ रहा है। हाइपोमेलनिज्म वह अवस्था है, जिसमें त्वचा के रंग का निर्धारण करने वाले मेलनिन की मात्रा कम होती है।
ये भी पढ़ेंः 150 सालों से मंदिर की रखवाली कर रहा है ये मगरमच्छ, प्रसाद खाकर भरता है पेट
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स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मगरमच्छ का संबंध उस चर्चित हाइपोमेलनिस्टिक मगरमच्छ से हो सकता है, जिसे साल 2014 में मार दिया गया था। उस मगरमच्छ ने एक मछुआरे को मार डाला था। एक गैर सरकारी वन्य जीवन संरक्षण समूह की अध्यक्ष ब्रॉडी ने कहा, "सभी बहुत उत्साहित हैं। मैं पूरा दिन भावविभोर होकर उसे देखती रही।"
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जीवविज्ञानियों के मुताबिक यह मगरमच्छ हाइपोमेलनिज्म की वजह से पीले रंग का नजर आ रहा है। हाइपोमेलनिज्म वह अवस्था है, जिसमें त्वचा के रंग का निर्धारण करने वाले मेलनिन की मात्रा कम होती है।
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स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मगरमच्छ का संबंध उस चर्चित हाइपोमेलनिस्टिक मगरमच्छ से हो सकता है, जिसे साल 2014 में मार दिया गया था। उस मगरमच्छ ने एक मछुआरे को मार डाला था। एक गैर सरकारी वन्य जीवन संरक्षण समूह की अध्यक्ष ब्रॉडी ने कहा, "सभी बहुत उत्साहित हैं। मैं पूरा दिन भावविभोर होकर उसे देखती रही।"
मगरमच्छ सफेद क्यों है?
सफेद मगरमच्छ
- फोटो : NT CROCODILE CONSERVATION & PROTECTION SOCIETY
ऑस्ट्रेलिया में पाए जाने वाले ज्यादातर मगरमच्छों का रंग भूरा या फिर हरा होता है। यह रंग छद्मावरण में उनकी मदद करता है। चार्ल्स डार्विन विश्वविद्यालय में रिसर्च एसोसिएट ऐडम ब्रिटन ने कहा कि पर्ल के हाइपोमेलनिज्म की वजह या तो आनुवांशिक है या फिर अंडों को सेने के दौरान ऐसा हुआ है।
"अंडों को सेने के दौरान अगर तापमान ज्यादा हो जाए कोशिकाओं के विभाजन में गड़बड़ हो जाती है।" उन्होंने कहा कि इस तरह से होने वाले बदलाव में "रंग परिवर्तन या त्वचा के उभारों का पैटर्न बदलना" शामिल हैं।
क्या यह विरली घटना है?
ब्रिटेन का कहना है कि फार्म में छोटे मगरमच्छों में ऐसा होना आम बात है, मगर पीले मगरमच्छों के लिए परभक्षियों से बचे रहना बहुत मुश्किल होता है। ब्रिटेन ने कहा, "हल्के रंग वाला वयस्क मगरमच्छ नजर आना थोड़ा असामान्य है।"
"मैंने कभी-कभार ऐसे मगरमच्छ देखे हैं, मगर जंगल में इतने बड़े आकार का ऐसा मगरमच्छ कभी नहीं देखा।"
"अंडों को सेने के दौरान अगर तापमान ज्यादा हो जाए कोशिकाओं के विभाजन में गड़बड़ हो जाती है।" उन्होंने कहा कि इस तरह से होने वाले बदलाव में "रंग परिवर्तन या त्वचा के उभारों का पैटर्न बदलना" शामिल हैं।
क्या यह विरली घटना है?
ब्रिटेन का कहना है कि फार्म में छोटे मगरमच्छों में ऐसा होना आम बात है, मगर पीले मगरमच्छों के लिए परभक्षियों से बचे रहना बहुत मुश्किल होता है। ब्रिटेन ने कहा, "हल्के रंग वाला वयस्क मगरमच्छ नजर आना थोड़ा असामान्य है।"
"मैंने कभी-कभार ऐसे मगरमच्छ देखे हैं, मगर जंगल में इतने बड़े आकार का ऐसा मगरमच्छ कभी नहीं देखा।"