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राजनाथ के नेतृत्व में फिदेल को श्रद्धांजलि देने पहुंचा भारतीय प्रतिनिधि मंडल

Thu, 01 Dec 2016 04:35 AM IST
एजेंसी
एजेंसी Updated Thu, 01 Dec 2016 04:35 AM IST
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 Rajnath led delegation arrives in Cuba to pay last respects to Castro
फाइल फोटोः फिदेल कास्त्रो
कम्युनिस्ट नेता फिदेल कास्त्रो को श्रद्धांजलि देने के लिए गृहमंत्री राजनाथ के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल हवाना पहुंचा। इसमें सीपीआई (एम) महासचिव सीताराम येचुरी, सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता डी राजा और कांग्रेस नेता आनंद शर्मा समेत अन्य शामिल हैं।
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वहीं, फिदेल कास्त्रो के अस्थिकलश को पूरे क्यूबा में ले जाने से पहले काफी संख्या में लोगों ने लैटिन अमेरिकी और अफ्रीकी नेताओं के साथ मिलकर विशाल रैली निकाली। हवाना का रिवॉल्यूशन स्क्वायर मैदान भीड़ से खचाखच भरा रहा, लोगों ने ‘क्रांति अमर रहे’ और ‘फिदेल...फिदेल’ के नारे लगाए। इस मैदान में क्रांतिकारी नेता फिदेल कास्त्रो ने कई यादगार भाषण दिए थे। 
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बुधवार को रैली के बाद सैन्य वाहन फिदेल के अस्थिकलश को लेकर हवाना से रवाना हो गए। यह अस्थिकलश पूरे क्यूबा की यात्रा करके सैंटियागो पहुंचेगा। यह यात्रा चार दिन तक चलेगी। इस बीच सड़कों के किनारे भारी संख्या में खड़े लोग अपने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते नजर आए। 
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नेशनल लाइब्रेरी में दाढ़ी वाले फिदेल तस्वीर

 Rajnath led delegation arrives in Cuba to pay last respects to Castro
नेशनल लाइब्रेरी में दाढ़ी वाले नवयुवक फिदेल कास्त्रो की एक बड़ी तस्वीर लगी है। इसमें वह गुरिल्ला यूनिफॉर्म में राइफल टांगे नजर आ रहे हैं। फिदेल के भाई राउल कास्त्रो ने सत्ता संभालने पर इस तस्वीर को लगवाया था।

इक्वाडोर के वामपंथी राष्ट्रपति राफेल कोरिया ने फिदेल की विचारधारा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘हम शपथ लेते हैं कि उनके (फिदेल) इन विचारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे।’ दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा ने फिदेल को 20वीं सदी का सबसे महान हीरो बताया। 

उन्होंने कहा कि वह रंगभेद के विरोधी थे और 1975 में एंगोला सरकार का समर्थन करने के लिए विद्रोहियों के खिलाफ क्यूबाई सुरक्षा बलों की तैनाती की थी। वहीं, दुनिया के कई नेताओं ने फिदेल को श्रद्धांजलि देने से दूरी बनाई। 

इसकी वजह शीत युद्ध में फिदेल की अहम भूमिका बताई जा रही है। यहां तक कि क्यूबा के मित्र राष्ट्र रूस, चीन और ईरान ने फिदेल के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए अपने उप प्रमुखों को भेजा।
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