महिंदा राजपक्षे की हार, पर वो मानने को नहीं तैयार
श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने कहा है कि उन्होंने अभी हार नहीं मानी है। सोमवार को श्रीलंका में संसदीय चुनाव हुए थे। इससे पहले समाचार एजेंसी एएफपी ने कहा था कि महिंदा राजपक्षे ने हार मान ली है और कहा है कि प्रधानमंत्री बनने का उनका सपना धुंधला पड़ गया है।
लेकिन उनके आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से जारी एक बयान में कहा गया है- 'महिंदा राजपक्षे को अभी आधिकारिक नतीजा नहीं मिला है। #GenElecSL जीत स्वीकारें या हार मानें।'
Mahinda Rajapaksa hasn’t yet received official final results of #GenElecSL to accept victory or concede defeat. #SriLanka
— Mahinda Rajapaksa (@PresRajapaksa) August 18, 2015
दूसरी ओर एएफपी अपनी रिपोर्ट पर कायम है और उसका दावा है कि फोन हुई बातचीत में राजपक्षे ने हार मान ली थी। पर कुछ समय उनके ऑफिस से फोन आया कि अभी इस खबर को न चलाया जाए। एएफपी न्यूज एजेंसी ने इस बाबत राजपक्षे को सूचित कर दिया है कि उनकी खबर को प्रकाशित किया जा चुका है।
राष्ट्रपति चुनाव हार गए थे
पूर्व राष्ट्रपति राजपक्षे को इस साल जनवरी में उस समय तगड़ा झटका लगा था जब वे मैत्रीपाला सिरिसेना से राष्ट्रपति चुनाव हार गए थे। चुनाव से कुछ दिनों पहले महिंदा राजपक्षे ने अपने एक बयान में कहा था कि उन्हें 225 सदस्यीय असेंबली में 117 सीटें मिलेंगी।
यूनाइटेड नेशनल पार्टी का नेतृत्व मौजूदा प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे का हाथों में है। महिंदा राजपक्षे के करीबी सहयोगी उदय गमनपिला ने भी अपने फेसबुक पन्ने पर कुछ ऐसा ही संदेश लिखा है।
दूसरी ओर राष्ट्रपति सिरिसेना ने श्रीलंका फ्रीडम पार्टी की सेंट्रल कमेटी से 11 सदस्यों को हटा लिया है। माना जा रहा है कि ये सिरिसेना की पार्टी के अंदर अपना वर्चस्व कायम करने की कोशिश है।
आधिकारिक नतीजे आने के बाद राष्ट्रपति का अपने पसंद का प्रधानमंत्री चुनने का रास्ता साफ हो गया है। सिरिसेना चाहते हैं कि वे ऐसा प्रधानमंत्री लाएं, जो उनके सुधारवादी एजेंडे को आगे बढ़ाए।