{"_id":"57a1b2f94f1c1b54762b994c","slug":"pushp-kamal-dahal-prachanda-files-nomination-as-nepal-pm-candidate","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरी बार नेपाल के पीएम बने पुष्प कमल दहल प्रचंड","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
दूसरी बार नेपाल के पीएम बने पुष्प कमल दहल प्रचंड
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 03 Aug 2016 08:41 PM IST
विज्ञापन
पुष्प कमल दहल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल की कम्युनिस्टी पार्टी (माओवादी) के नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड मंगलवार को प्रधानमंत्री बन गए हैं। वह दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने हैं। प्रचंड एक मात्र आधिकारिक उम्मीदवार थे और उन्हें मधेसियों का भी समर्थन भी मिला हुआ है। बताते चलें कि दहल और मधेसियों के बीच तीन सूत्रीय समझौते पर हस्ताक्षर भी हुए हैं।
दहल को नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा, माओवादी नेता कृष्ण बहादुर महारा और संघीय समाजवादी नेपाल के अध्यक्ष उपेंद्र यादव का समर्थन हासिल है। वहीं, तराई मधेस लोकतांत्रिक पार्टी के नेता सर्वेंद्र नाथ शुक्ल और सद्भावना पार्टी के नेता लक्ष्मण लाल कर्ण ने भी प्रधानमंत्री पद के लिए प्रचंड का समर्थन किया था।
सदन की दूसरी बड़ी पार्टी नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) के उम्मीदवारी का ऐलान करने के बाद प्रचंद एक मात्र कैंडिडेट थे। प्रचंड इससे पहले साल 2008 में भी प्रधानमंत्री थे, हालांकि बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
विज्ञापन
पीएम पद के लिए हुए मतदान के दौरान उनके पक्ष में 363 और विपक्ष में 210 वोट पड़े। कुल 595 सांसदों में से 22 ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। चुनाव से पहले प्रचंड ने कहा था कि वह देश को आर्थिक विकास के रास्ते पर ले जाने की कोशिश करेंगे। प्रचंज को 595 सदस्यों के सदन में जीत के लिए 298 मतों की जरूरत थी।
प्रचंड के दूसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बनने पर पीएम मोदी ने उन्हें ट्वीट कर बधाई दी।
विज्ञापन
दहल को नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा, माओवादी नेता कृष्ण बहादुर महारा और संघीय समाजवादी नेपाल के अध्यक्ष उपेंद्र यादव का समर्थन हासिल है। वहीं, तराई मधेस लोकतांत्रिक पार्टी के नेता सर्वेंद्र नाथ शुक्ल और सद्भावना पार्टी के नेता लक्ष्मण लाल कर्ण ने भी प्रधानमंत्री पद के लिए प्रचंड का समर्थन किया था।
विज्ञापन
सदन की दूसरी बड़ी पार्टी नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) के उम्मीदवारी का ऐलान करने के बाद प्रचंद एक मात्र कैंडिडेट थे। प्रचंड इससे पहले साल 2008 में भी प्रधानमंत्री थे, हालांकि बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
विज्ञापन
पीएम पद के लिए हुए मतदान के दौरान उनके पक्ष में 363 और विपक्ष में 210 वोट पड़े। कुल 595 सांसदों में से 22 ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। चुनाव से पहले प्रचंड ने कहा था कि वह देश को आर्थिक विकास के रास्ते पर ले जाने की कोशिश करेंगे। प्रचंज को 595 सदस्यों के सदन में जीत के लिए 298 मतों की जरूरत थी।
प्रचंड के दूसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बनने पर पीएम मोदी ने उन्हें ट्वीट कर बधाई दी।
Spoke to Nepal's PM-elect Pushpa Kamal Dahal 'Prachanda' ji & congratulated him. Assured him of our full support & invited him to India.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 3, 2016