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इजरायल यात्रा: मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को लाभकारी वार्ता की उम्मीद, आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर 

Mon, 22 Oct 2018 03:31 PM IST
भाषा, तेल अवीव
भाषा, तेल अवीव Updated Mon, 22 Oct 2018 03:31 PM IST
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Punjab Chief Minister Amarinder Singh arrived in Israel on a five day visit
अमरिंदर सिंह - फोटो : twitter/@capt_amarinder

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को कहा कि अपनी यात्रा के दौरान वह इजरायली नेतृत्व के साथ लाभकारी वार्ता की उम्मीद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सिंह की इस पांच दिवसीय यात्रा का लक्ष्य कृषि, वानिकी और डेयरी के क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करना है। सिंह के साथ अधिकारियों का एक शिष्टमंडल रविवार की शाम यहां पहुंचा।

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मुख्यमंत्री सिंह को 19 अक्टूबर को दशहरा के दिन इजरायल की यात्रा पर आना था लेकिन अमृतसर ट्रेन दुर्घटना के कारण उन्होंने अपनी यात्रा टाल दी थी। शुक्रवार को हुए इस ट्रेन हादसे में 59 लोगों की मौत हो गई और 57 लोग घायल हो गए थे। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने चंडीगढ़ में कहा कि अमृतसर ट्रेन हादसा पीड़ितों के लिए किया जा रहे राहत एवं पुनर्वास कार्य से प्रशासन के पूर्णतया संतुष्ट होने के बाद ही इजरायल जाने का फैसला लिया।
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सिंह कृषि, वानिकी, डेयरी और दूषित जल शोधन के क्षेत्र में काम करने वाली विभिन्न कंपनियों और संस्थानों का दौरा करेंगे ताकि पंजाब की जरूरतें पूरी करने वाले मौकों का लाभ लिया जा सके। साथ ही वह पंजाब की आंतरिक सुरक्षा मजबूत बनाने के लिहाज से भी इजरायल अधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे।
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इजरायल पहुंचने पर सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘अगले तीन दिन लाभकारी बातचीत को लेकर आशान्वित/उत्सुक हूं।’’ इस यात्रा पर रवाना होने से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा था कि इजरायल की ओर से जिन आधुनिक तकनीकों की पेशकश की गई है, उनकी सरकार उनका लाभ उठाना चाहेगी। यहां मंगलवार को ‘‘पंजाब में निवेश के अवसर’’ गोष्ठी का आयोजन किया गया है। इसका लक्ष्य इजरायल से पंजाब में निवेश आकर्षित करना है।

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) कृषि के क्षेत्र में सहयोग के लिए तेल अवीव विश्वविद्यालय और गैलिली इंस्टीट्यूट के साथ सहमति-पत्रों पर हस्ताक्षर करेगा। वहीं, सिंह के साथ देश की यात्रा पर आया शिष्टमंडल जल संरक्षण के क्षेत्र में एक सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर करेगा।

सिंह लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि पंजाब के किसानों को सिर्फ धान एवं गेहूं की खेती तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि अपनी फसलों में बदलाव लाना चाहिए। उन्हें राज्य के लगातार गिरते जलस्तर को ध्यान में रखते हुए ड्रिप इरीगेशन (बूंदों के जरिए होने वाली सिंचाई) और हाइड्रोपोनिक्स पर ध्यान देना चाहिए। अपनी यात्रा से पहले इजरायल शिष्टमंडल के साथ हुई मुलाकात में सिंह ने डेयरी के क्षेत्र में इजरायल तौर-तरीके अपनाने में दिलचस्पी दिखाई थी।

पंजाब साइट्रस (विटामिन सी की बहुतायत वाले) फलों के उत्पादन और उनकी गुणवत्ता बढ़ाने में इजरायल की मदद चाहता है। पंजाब पहले ही देश में ‘कीनू’ का सबसे बड़ा उत्पादक है और अब वह मीठे संतरों की बागवानी भी करना चाहता है। बाजार में मीठे संतरों की मांग और कीमत दोनों अच्छी है।


सिंह के नेतृत्व वाले शिष्टमंडल के समक्ष आंतरिक सुरक्षा के संबंध में इजरायल विशेषज्ञता पर एक प्रस्तुति दी जाएगी और यात्रा के दौरान वे लोग इजरायल की बड़ी सुरक्षा कंपनी की अकादमी का दौरा भी करेंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में इजरायल के राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन, कृषि मंत्री उरी एरियन और ऊर्जा तथा जल संसाधन मंत्री युवाल स्टेनित्ज से मुलाकात शामिल है। सिंह वह कब्रिस्तान भी जाएंगे जहां हाइफा की आजादी के लिए 1918 में हुई लड़ाई के दौरान शहीद हुए भारतीय सैनिकों को दफनाया गया था। 

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