{"_id":"59d3d59a4f1c1b9f538b5976","slug":"president-ramnath-kovind-reached-djibouti","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहली विदेश यात्रा पर जिबूती पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, भारतीय समुदाय को किया संबोधित","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"अन्य देश","slug":"rest-of-world"}}
पहली विदेश यात्रा पर जिबूती पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, भारतीय समुदाय को किया संबोधित
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 04 Oct 2017 07:48 AM IST
विज्ञापन
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जिबूती और इथियोपिया की अपनी चार दिन की यात्रा के पहले चरण में मंगलवार को जिबूती पहुंचे। यह राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा है। जिबूती में रह रहे भारतीय नागरिकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, 'हमें अपनी जड़ों को नहीं छोड़ना चाहिए। इस बात से फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि हम कहां रहते हैं।'
उन्होंने कहा कि विदेशों में रह रहे हमारे नागरिकों की भारत और विश्व के बीच पुल बनाने में अहम भूमिका रही है। अदन की खाड़ी से दूर जिबूती एक रणनीतिक देश है, जो हिंद महासागर में भारत का अहम साझेदार देश है।
विज्ञापन
जिबूती में राष्ट्रपति कोविंद की अगवानी जिबूती के प्रधानमंत्री कामिल मोहम्मद ने की। इस दौरान राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्वी और दक्षिण अफ्रीका) नीना मल्होत्रा ने पहले बताया था कि राष्ट्रपति दोनों अफ्रीकी देशों की अपनी यात्रा के दौरान विदेश कार्यालय परामर्श को संस्थागत बनाने तथा इथियोपिया के साथ वृहद आर्थिक सहयोग से संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा कि जिबूती हिंद महासागर क्षेत्र का महत्वपूर्ण साझेदार देश है जिसके साथ 2016-17 में भारत का द्विपक्षीय कारोबार 28.4 करोड़ डॉलर का रहा।
मलिक ने कहा कि राष्ट्रपति इस यात्रा को लेकर आशान्वित हैं। वह मानते हैं कि अफ्रीका और हिंद महासागर क्षेत्र भारतीय विदेश नीति के केंद्र बिंदु में हैं। इसलिए उनकी पहली विदेश यात्रा के लिए इस क्षेत्र को चुना गया।
विज्ञापन
We should not ignore or isolate our roots, no matter where we stay: President Ram Nath Kovind addressed Indian community in Djibouti pic.twitter.com/sHNfMaI9ZU
— ANI (@ANI) October 3, 2017विज्ञापन
उन्होंने कहा कि विदेशों में रह रहे हमारे नागरिकों की भारत और विश्व के बीच पुल बनाने में अहम भूमिका रही है। अदन की खाड़ी से दूर जिबूती एक रणनीतिक देश है, जो हिंद महासागर में भारत का अहम साझेदार देश है।
विज्ञापन
Djibouti is a strategically located country, just off the Gulf of Aden.It is an imp Indian Ocean partner country for India: President Kovind pic.twitter.com/R8AxBG3JyW
— ANI (@ANI) October 3, 2017
जिबूती में राष्ट्रपति कोविंद की अगवानी जिबूती के प्रधानमंत्री कामिल मोहम्मद ने की। इस दौरान राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया।
विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्वी और दक्षिण अफ्रीका) नीना मल्होत्रा ने पहले बताया था कि राष्ट्रपति दोनों अफ्रीकी देशों की अपनी यात्रा के दौरान विदेश कार्यालय परामर्श को संस्थागत बनाने तथा इथियोपिया के साथ वृहद आर्थिक सहयोग से संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने कहा कि जिबूती हिंद महासागर क्षेत्र का महत्वपूर्ण साझेदार देश है जिसके साथ 2016-17 में भारत का द्विपक्षीय कारोबार 28.4 करोड़ डॉलर का रहा।
मलिक ने कहा कि राष्ट्रपति इस यात्रा को लेकर आशान्वित हैं। वह मानते हैं कि अफ्रीका और हिंद महासागर क्षेत्र भारतीय विदेश नीति के केंद्र बिंदु में हैं। इसलिए उनकी पहली विदेश यात्रा के लिए इस क्षेत्र को चुना गया।