फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   pm modi arrives in myanmar on a two day visit

आतंकवाद पर चीन को घेरने के बाद म्यांमार पहुंचे PM मोदी, जोरदार स्वागत

Tue, 05 Sep 2017 06:57 PM IST
अमर उजाला, टीम डिजिटल
अमर उजाला, टीम डिजिटल Updated Tue, 05 Sep 2017 06:57 PM IST
विज्ञापन
pm modi arrives in myanmar on a two day visit

अरुणाचल प्रदेश में म्यांमार सीमा पर भारतीय सेना द्वारा उग्रवादियों के कैंप पर हमला करने और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्दे पर चीन को साधने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी म्यांमार की यात्रा पर पहुंच गए हैं। सुरक्षा और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच करीबी सहयोग के लिए रोडमैप बनाने के मकसद से मोदी अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर म्यांमार की राजधानी नाय पी ताउ पहुंच गए हैं। 

विज्ञापन


आपको बता दें कि पीएम मोदी दो दिन की म्यांमार यात्रा पर हैं। एयरपोर्ट पर लोगों में काफी उत्साह दिखाई दिया। 
विज्ञापन


अपनी म्यांमार यात्रा पर रवाना होने से पहले मोदी ने ब्रिक्स शिखर वार्ता पर उनके स्वागत और गर्मजोशी पर चीन सरकार को आभार जताते हुए ट्वीट भी किया। प्रधानमंत्री ने म्यांमार को भारत का ‘करीबी दोस्त’ भी कहा। यहां पीएम मोदी कई जगह जाएंगे और यंगून के थुवाना स्टेडियम में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित भी करेंगे। राष्ट्रपति यू हटिन क्याव के निमंत्रण पर म्यांमार में प्रधानमंत्री 5 से 7 सितंबर तक दौरे पर होंगे। इस बीच वह म्यांमार की सर्वोच्च नेता आंग सान सू की के साथ कई मुद्दों पर बातचीत भी करेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन



भारत-चीन के लिए महत्वपूर्ण है म्यांमार

म्यांमार न सिर्फ भारत के लिए दक्षिण-पूर्वी एशिया का प्रवेश द्वार है बल्कि चीन के लिए भी इसकी रणनीतिक अहमियत है। इसीलिए म्यांमार के साथ भारत और चीन दोनों ही देश अपना दायरा बढ़ाने में लगे हैं। म्यांमार चीन की वन बेल्ट, वन रोड परियोजना का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जबकि भारत के साथ उसके सीमा सुरक्षा और निवेश से जुड़े संबंध काफी अहम हैं। भारत की एक्ट ईस्ट नीति के तहत उसका पहला पड़ाव म्यांमार ही है।

रोहिंग्या मुसलमानों का सुरक्षा बलों के साथ पिछले 10 दिनों से संघर्ष जारी

यंगून। पीएम मोदी की म्यांमार यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब वहां पर रोहिंग्या मुसलमानों का सुरक्षा बलों के साथ पिछले दस दिनों से संघर्ष चल रहा है। म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों और सुरक्षा बलों के बीच 25 अगस्त से जारी संघर्ष में अब तक 200 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबरें हैं।

पढ़ें: BRICS से नजदीक आए भारत-चीन, डोकलाम के बाद मिले पीएम-जिनपिंग, जानिए 5 बड़ी बातें

मानवाधिकार वॉच द्वारा जारी एक सेटेलाइट तस्वीर में रोहिंग्या मुसलमानों के 1,200 घरों को तोड़ा हुआ बताया गया है। यहां 700 घरों को पिछले दस दिनों में आग के हवाले कर दिया गया है। 

बांग्लादेश में घुसने को तैयार हैं शरणार्थी 500 हिंदू भी पहुंच चुके कॉक्स बाजार

संयुक्त राष्ट्र की ताजा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि 25 अगस्त के बाद म्यांमार से करीब 90,000 शरणार्थी बांग्लादेश पहुंचे हैं। इनमें ज्यादातर रोहिंग्या मुस्लिम हैं, जबकि करीब 500 हिंदू भी कॉक्स बाजार पहुंच चुके हैं। म्यांमार के पश्चिमी प्रांत स्थित राखीन की सीमा पर स्थित इस इलाके में रोहिंग्या मुस्लिमों के साथ-साथ हिंदुओं की हालत भी काफी खराब है। शरणार्थियों की तादाद को देखते हुए बांग्लादेश ने भी सीमा पर पाबंदियां बढ़ाते हुए 2000 से अधिक शरणार्थियों को भगा दिया है।

नोबल विजेता आंग सान सू की के खामोश रहने पर उठ रहे हैं सवाल

म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों की हत्या और हिंसा पर रोक लगाने के लिए अब तक डेसमंड टूटू से लेकर मलाला यूसुफजई तक करीब 12 नोबल पुरस्कार विजेता देश की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से अपील कर चुके हैं। सू की भी नोबल पुरस्कार विजेता रह चुकी हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद उनकी रहस्यमयी खामोशी पर पूरी दुनिया में सवाल उठ रहे हैं। नोबल विजेताओं ने कहा कि पूरी दुनिया सू की द्वारा इस हिंसा की निंदा करने का इंतजार कर रहा है। म्यांमार के राष्ट्रपति हतिन क्यॉ से प्रधानमंत्री मोदी ने नाय पई ताउ में मुलाकात की है।



विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed