वामपंथी नेता त्सीपरास बने ग्रीस के प्रधानमंत्री
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वामपंथी नेता को ग्रीस की कमान मिली है। वामपंथी रुझान वाली सिरीजा पार्टी से ताल्लुक रखने वाले एलेक्सिस त्सीपरास ने ग्रीस के पीएम पद की शपथ ली। इससे पहले आम चुनावों में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी त्सीपरास की सिरीजा पार्टी ने ग्रीक इंडीपेंडेंट्स के साथ साझा सरकार बनाने का फैसला किया।
वामपंथी रुझान वाली सिरीजा को 149 सीटें मिलने की संभावना है। पर यह संख्या सरकार बनाने के लिए जरूरी सीटों से दो सीट कम है। लिहाजा, उसने
दक्षिणपंथी पार्टी से हाथ मिलाने का मन बनाया है। तीन सौ सदस्यों वाली संसद में ग्रीक इंडीपेंडेंट्स को 13 सीटों पर जीत मिलने की संभावना है।
कर्ज की शर्तों पर फिर बात
सिरीजा के नेता एलेक्सिस त्सीपरास ने चुनावों के पहले ही वादा किया था कि वो ग्रीस को "अपमान और पीड़ा" से मुक्ति दिलाने के लिए राहत पैकेज की शर्तों पर फिर से बात करेंगे। विश्व बैंक, यूरोपीय संघ और यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) ने मिलकर ग्रीस को 240 अरब यूरो का कर्ज देने का वादा किया है।
यूरोप के कई राजनेताओं ने उन्हें राहत पैकेज की शर्तों का सम्मान करने के प्रति चेताया है। इन कर्जदाताओं ने शर्त रखी है कि ग्रीस बजट घाटा कम करे और ढांचागत सुधारों को तेजी से लागू करे। इसके लिए ग्रीस को अपने खर्चों में बड़े पैमाने पर कटौती करनी होगी।
यूरो लुढ़का
ग्रीस के चुनावों में कर्ज संकट सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा। चुनाव के नतीजों को इस रूप में देखा जा रहा है कि जनता ने सरकार की नीतियों को ख़ारिज कर दिया है।
चुनाव नतीजों के रुझानों के सामने आने के बाद यूरो के मूल्य में जबरदस्त गिरावट देखी गई। यूरो का मूल्य 1.11 डॉलर पर आ गया। यह पिछले 11 साल में यूरो की सबसे कम कीमत है।