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तस्वीर जिसने किर्गिस्तान को किया 'शर्मिंदा'

Mon, 26 Sep 2016 03:50 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Mon, 26 Sep 2016 03:50 PM IST
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  photo which fill Kyrgyzstan "ashamed"
किर्गिस्तान - फोटो : BBC

किर्गिस्तान के ओश प्रांत में सडक पर सोते हुए एक बच्चे की तस्वीर ने लोगों के गुस्से को भडका दिया है। तीन साल के इस बच्चे की तस्वीर वायरल हो गई और सोशल मीडिया पर लोग इस पर गुस्से और शर्मिंदगी का इजहार कर रहे हैं। किर्गिस्तान के लोग देश की गरीबी और खराब आर्थिक हालत पर चर्चा कर रहे हैं। सड़क पर कार्डबोर्ड के एक टुकडे़ पर सोता ये बच्चा किर्गिस्तान के ओश प्रांत का है।

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इस तस्वीर को फेसबुक पर पोस्ट किया गया जिसके साथ कमेंट था, "अच्छा होता अगर ये बच्चा बाजार में इस तरह सोने के बजाय घर या स्कूल में सो रहा होता।" इसके फौरन बाद बड़ी संख्या में लोगों ने इस तस्वीर को शेयर करना शुरू कर दिया और सड़क पर बच्चे को सोता छोड़ देने के लिए उसकी मां की आलोचना करनी शुरू कर दी। साथ ही लोगों ने किर्गिस्तान की सरकार और उसके राष्ट्रपति की भी खासी आलोचना की। एक फेसबुक यूजर ने लिखा, "देश के भेडिए। इन्हें दिखाई नहीं देता कि लोग देश में कैसे जी रहे हैं।"
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कई लोगों ने लिखा, "ये राष्ट्रपति अलमजबेक अटंबायेफ की नाकामी है।" इस बारे में उस बच्चे की मां जुल्फिया यूसेनोवा से बात की तो उन्होंने बताया, "जब मैं काम कर रही थी तो मेरे बेटे को नींद आ गई और वो सो गया। मुझे इस बात का पता ही नहीं चला। मैंने उसे सडक से उठाकर कार्डबोर्ड पर सुला दिया। वो बमुश्किल 10-15 मिनट ही सोया होगा।

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राष्ट्रपति ने मुझे घर देने का वादा दिया था

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किर्गिस्तान के राष्ट्रपति

लेकिन मेरी बुराई होने लगी" जुल्फिया ने बताया कि उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा है और उसके पति परिवार को सहारा देने रूस गए हैं। देश जबरदस्त आर्थिक तंगी से गुजर रहा है और करीब 15 लाख लोग यानी देश की आबादी का 20 फीसदी हिस्सा बेहतर रोजगार की तलाश में प्रवासी के तौर पर रूस में है। जुल्फिया के बेटे की कहानी वायरल होने के बाद अब लोग राष्ट्रपति से इस पर दखल देने की मांग कर रहे हैं।

​जुल्फिया ने बताया, " सरकार के एक मंत्री हमारे घर आए थे। और खाने-पीने के डब्बे, रजाइयां, कपडे लाए थे। हम उनके इस कदम की सराहना करते हैं। इसके अलावा हमें कोई और मदद नहीं मिली है।

मैंने सुना है कि राष्ट्रपति ने मुझे घर देने का वादा दिया था। लेकिन इस दिशा में अब तक कुछ नहीं हुआ।" मदद की बातें और मीडिया में चर्चा के बावजूद जुल्फिया अपने बेटे की चर्चा सोशल मीडिया पर होने से शर्मिंदा हैं। वो कहती हैं, "मैं बेहद शर्मिंदा हूं। मैं गरीब हूं लेकिन अपने बच्चों की अच्छी तरह से देखभाल करती हूं। मैं आलसी नहीं हूं।"

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