नाकाबंदी से काठमांडू में पेट्रोल-डीजल की किल्लत
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मधेसी और थारु जनजाति ने नेपाल के नये संविधान के विरोध में पूरे देश में नाकाबंदी का ऐलान किया है, जिसका असर होना शुरू भी हो गया है। इसका प्रभाव राजधानी काठमांडू पर भी पड़ा है। यहां नाकाबंदी की वजह से पेट्रोल-डीजल, गैस समेत अन्य वस्तुओं की किल्लत शुरू हो गई है।
संविधान में अपना अधिकार सुनिश्चित करने के लिए आंदोलनरत मधेसी थारुहट जनजाति के दलों की वजह से पश्चिमी सीमावर्ती 22 जिलों में पिछले 49 दिनों से बंद है।
सीमावर्ती शहरों में सब कुछ ठप रहने के बावजूद अभी राजधानी पर इसका खासा असर नहीं था, लेकिन यहां भी मधेसी मोर्चा द्वारा नाकाबंदी शुरू करने के बाद किल्लत शुरू हो गई है। यहां स्थिति ऐसी हो गई है कि लोगों को दो-दो घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद भी पेट्रोल-डीजल नहीं मिल रहा है।
रसोई गैस के लिए भी अफरातफरी
दूसरी तरफ, रसोई गैस के लिए भी अफरातफरी मची हुई है। सूत्रों की मानें तो नेपाल ऑयल के पास काठमांडू घाटी के लिए सिर्फ अगले सात दिनों के लिए पेट्रोलियम पदार्थों का स्टॉक बचा है।
इसकी मुख्य वजह यह है कि नाकाबंदी की वजह से दो दिन से किसी भी भारतीय नाके से पेट्रोल-डीजल देश के भीतर नहीं पहुंच रहा है। आंदोलनकारी राजमार्गों और अन्य जगहों पर धरना देकर बैठे हैं।
नेपाल ऑयल निगम के अधिकारी ने कहा कि ‘पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की किल्लत होने की आशंका से लोगों ने इनकी जमाखोरी शुरू कर दी है। जिसकी वजह से किल्लत का संकट बढ़ने लगा है।
उन्होंने कहा कि ऐसी ही स्थिति रही तो पेट्रोल-डीजल काठमांडू अगले कुछ दिनों में खत्म हो जाएगा और मिलना बंद हो जाएगा।