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पाकिस्तानी बहादुरः औरों को बचाने में दे दी अपनी जान
Updated Sat, 11 Jan 2014 12:34 PM IST
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आत्मघाती हमलावर को स्कूल पर हमला करने से रोकने की कोशिश में मारे गए नौवीं कक्षा के छात्र एतजाज हसन को बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की सिफारिश की है।
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प्रधानमंत्री ने उन्हें सितारा-ए-शुजात से सम्मानित करने के लिए राष्ट्रपति ममनून हुसैन को पत्र लिखा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि एतजाज हसन के साहसी कदम की वजह से न केवल सैकडों छात्रों की जान बच गई बल्कि उन्होंने बहादुरी और देशभक्ति की उच्च मिसाल कायम की है।
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इससे पहले, शुक्रवार को पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन ने कराची में चरमपंथी हमले में मारे गए सिंध पुलिस अधिकारी चौधरी असलम और हंगो में स्कूल पर आत्मघाती हमले की कोशिश नाकाम बनाते हुए जान देने वाले छात्र एतजाज हसन को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस प्रमुख ने भी राज्य सरकार से सिफारिश की है कि बहादुरी का प्रदर्शन करने एतजाज हसन उच्च नागरिक पुरस्कार के लिए नामित किया जाए।
हंगू के इब्राहीम जई स्कूल में नौवीं कक्षा के छात्र एतजाज हसन ने पिछले सोमवार को अपने स्कूल में आत्मघाती हमला करने का इरादा रखने वाले लडके को रोकने की कोशिश की थी और इसी दौरान विस्फोट से उनकी और हमलावर दोनों की मौत हो गई थी लेकिन स्कूल आपदा से बच गया था।
एतजाज हसन के चचेरे भाई मुदस्सर बंगश एडवोकेट ने बीबीसी को बताया कि सोमवार की सुबह एतजाज स्कूल जा रहे थे, तभी रास्ते में स्कूल की वर्दी पहने हुए एक युवक ने उनसे सरकारी हाई स्कूल का पता पूछा था।