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मिस्र: मुर्सी के गढ़ पर विरोधियों का धावा

Mon, 01 Jul 2013 07:05 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Mon, 01 Jul 2013 07:05 PM IST
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opponents attacked at mohammed morsi's house

मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने मुस्लिम ब्रदरहुड के मुख्यालय पर धावा बोल दिया है। मुस्लिम ब्रदरहुड संगठन मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की फ़्रीडम ऐंड जस्टिस पार्टी का संस्थापक है।

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राजधानी काहिरा के मोक़ात्तम इलाके में स्थित ब्रदरहुड के मुख्यालय में प्रदर्शनकारियों ने इमारत में तोड़-फोड़ की और उसके बाद उसे आग के हवाले कर दिया।

राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थकों और विरोधियों के बीच हुई झड़पों में अब तक कम से कम पाँच लोग मारे गए हैं।

इनमें से एक की मौत मुस्लिम ब्रदरहुड के मुख्यालय पर हुए प्रदर्शन के दौरान हुई है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सत्ता में आने के एक साल बाद भी मुर्सी प्रशासन देश की माली हालत और सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त नहीं कर पाया है। इसलिए अब उन्हें त्याग पत्र देकर, दोबारा चुनाव करवाने चाहिए।
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'मंगलवार तक इस्तीफ़ा दें मुर्सी'
प्रदर्शन के पीछे विपक्षी आंदोलन तमारुद के नेतृत्व ने कहा था कि लाखों लोग सड़कों पर उतर कर सरकार का विरोध करेंगे और मुर्सी को मंगलवार तक इस्तीफ़ा देने का समय देंगे।
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तमारुद ने कहा कि सेना, पुलिस और न्यायपालिका को प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ा हो जाना चाहिए।

इस गुट ने राष्ट्रपति के साथ बातचीत की पेशकश को भी अस्वीकार कर दिया है।

बयान में कहा गया है, "आधे-अधूरे क़दमों को नहीं स्वीकारा जाएगा। मुस्लिम ब्रदरहुड और उसके नुमाइंदे मुर्सी की सत्ता के शांतिपूर्वक ख़ात्मे के अलावा कोई विकल्प नहीं है।"


सारे देश में प्रदर्शन
रविवार को मिस्र के कई शहरों में लाखों प्रदर्शनकारियों ने मुर्सी के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है।

ये प्रदर्शन पिछले राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को सत्ता से हटाने के लिए उमड़े जन सैलाब से भी बड़े बताए गए हैं।

विपक्षी आंदोलन तमारुद ने एक बयान में कहा कि अगर मुर्सी सत्ता छोड़कर चुनाव करवाने की घोषणा नहीं करते हैं तो उन्हें सविनय अवज्ञा का सामना करना होगा।

बीबीसी संवाददाता जेरेमी बोवेन का कहना है कि विपक्ष और मुर्सी दोनो ही अपनी बात पर अड़े हुए हैं इसलिए मिस्र की सियासी उथल-पुथल के फ़िलहाल थमने के आसार नहीं दिख रहे।

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