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सविता मामले में एक और जांच
बीबीसी हिंदी
Updated Sat, 24 Nov 2012 09:23 AM IST
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रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड में विवादित परिस्थितियों में भारतीय मूल की सविता हलप्पनवार की मौत के मामले में अब एक निगरानी संस्था भी जांच करेगी। आयरलैंड में जन स्वास्थ्य के क्षेत्र पर नज़र रखने वाली एक निगरानी संस्था इस मामले में एक समानांतर जांच करेगी।
गर्भपात न होने के चलते, सविता हलप्पनवार की आयरलैंड के युनिवर्सिटी अस्पताल में मौत हो गई थी। उनके पति प्रवीण का कहना है कि चिकित्सीय दृष्टि से ज़रूरी होने के बाद भी नीतिगत कारणों से उनकी पत्नी को गर्भपात की इजाज़त नहीं दी गई। आयरलैंड में गर्भपात अब तक गैरकानूनी है, हालांकि अपवादस्वरूप बच्चे की मां पर जीवन का ख़तरा आने पर इसे कराया जा सकता है।
इस मामले में आयरलैंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले ही एक जांच कराई जा रही है। अब इस मामले में हैल्थ इंफोर्मेशन क्वालिटी अथॉरिटी नामक निगरानी संस्था की ओर से एक स्वतंत्र जांच कराई जाएगी।
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सार्वजनिक की मांग
हालांकि सविता के पति ने इस मामले में सार्वजनिक जांच कराने की मांग की है। उनका मानना है कि सविता को सही समय पर गर्भपात कराने की इजाज़त दी गई होती तो वो इस वक्त ज़िंदा होतीं। सविता हलप्पनवार के परिवार वालों ने कहा है कि सविता गर्भपात कराने की मांग कई बार कर चुकी थीं। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। उनके पति ने बीबीसी को बताया कि डॉक्टरों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था क्योंकि सविता का भ्रूण जीवित था।
सविता की मौत 28 अक्तूबर को हुई। उनकी मौत दो पहलूओं के चलते जांच का विषय है। आयरिश टाइम्स के मुताबिक सविता की मौत के दो दिन बाद हुई शव परीक्षण के मुताबिक उनकी मौत सेप्टिसीमिया (घाव के सड़ने) की वजह से हुई। 31 साल की भारतीय मूल की सविता हलप्पनवार यहां डेंटिस्ट के तौर पर काम कर रही थीं।
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गर्भपात न होने के चलते, सविता हलप्पनवार की आयरलैंड के युनिवर्सिटी अस्पताल में मौत हो गई थी। उनके पति प्रवीण का कहना है कि चिकित्सीय दृष्टि से ज़रूरी होने के बाद भी नीतिगत कारणों से उनकी पत्नी को गर्भपात की इजाज़त नहीं दी गई। आयरलैंड में गर्भपात अब तक गैरकानूनी है, हालांकि अपवादस्वरूप बच्चे की मां पर जीवन का ख़तरा आने पर इसे कराया जा सकता है।
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इस मामले में आयरलैंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले ही एक जांच कराई जा रही है। अब इस मामले में हैल्थ इंफोर्मेशन क्वालिटी अथॉरिटी नामक निगरानी संस्था की ओर से एक स्वतंत्र जांच कराई जाएगी।
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सार्वजनिक की मांग
हालांकि सविता के पति ने इस मामले में सार्वजनिक जांच कराने की मांग की है। उनका मानना है कि सविता को सही समय पर गर्भपात कराने की इजाज़त दी गई होती तो वो इस वक्त ज़िंदा होतीं। सविता हलप्पनवार के परिवार वालों ने कहा है कि सविता गर्भपात कराने की मांग कई बार कर चुकी थीं। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। उनके पति ने बीबीसी को बताया कि डॉक्टरों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था क्योंकि सविता का भ्रूण जीवित था।
सविता की मौत 28 अक्तूबर को हुई। उनकी मौत दो पहलूओं के चलते जांच का विषय है। आयरिश टाइम्स के मुताबिक सविता की मौत के दो दिन बाद हुई शव परीक्षण के मुताबिक उनकी मौत सेप्टिसीमिया (घाव के सड़ने) की वजह से हुई। 31 साल की भारतीय मूल की सविता हलप्पनवार यहां डेंटिस्ट के तौर पर काम कर रही थीं।