विमान की तलाश में 'समुद्र में तेल की परत' दिखी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौबीस घंटे से अधिक समय बीत चुका है लेकिन मलेशिया एयरलाइंस के लापता विमान एमएच 370 का अभी तक पता नहीं चला है। साउथ चाइना सी में इस विमान की तलाश जारी है।
विमान ने शनिवार को क्वालालम्पुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरी थी जिसका स्थानीय समयानुसार दोपहर डेढ़ बजे रडार से सम्पर्क टूट गया था। इसमें दो बच्चों समेत 239 यात्री सवार थे।चालक दल के सदस्यों की संख्या 12 है।
माना जा रहा है कि हादसे के बाद ये विमान साउथ चाइना सी में ही कहीं गिरा होगा। लेकिन अभी तक कहीं कोई मलबा नज़र भी नहीं आया है। हादसा किस वजह से हुआ होगा, इसका भी अभी तक कोई अंदाज़ा नहीं लगाया जा सका है।
कुछ ख़बरों में कहा गया है कि वियतनाम के तट के पास समुद्र के पानी में तेल की परत दिखाई दी है। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। इस बीच, लापता विमान को खोजने के इरादे से अमेरिका का एक ख़ास क़िस्म का जहाज़ वियतनाम के दक्षिणी तट की ओर बढ़ रहा है।
मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रज्ज़ाक का कहना है, ''अमेरिका अपनी नौसेना के ज़रिये तलाश और राहत तथा बचाव कार्यों में हमारी मदद के लिए राज़ी हुआ है।'' मलेशिया ने भी अपने कई हेलीकॉप्टर और जहाज़ों को इस इस काम में लगा दिया है जो मलेशिया और वियतनाम के बीच समंदर का चप्पा-चप्पा तलाश रहे है। कई अन्य देश भी इसमें मदद कर रहे हैं।
'रहस्य'
एशिया प्रशांत एयरलाइंस संघ के महानिदेशक एंड्रयू हर्डमेन ने इसे एक असामान्य दुर्घटना बताया है। हर्डमेन का कहना है, ''यह दुर्घटना एक रहस्य बन गई है। विमान से सम्पर्क कट गया और अब कई देश इसकी तलाश में जुटे हैं लेकिन अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि विमान के साथ आख़िर हुआ क्या था।''
वहीं कुछ ख़बरों में कहा गया कि लापता विमान वियतनाम के तट पर दुर्घटना का शिकार हुआ। लेकिन मलेशिया के परिवहन मंत्री का कहना है कि इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। मलेशिया एयरलाइंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अहमद जौहरी ने बताया, ''विमान में 14 देशों के नागरिक सवार थे।
लेकिन ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया है कि लापता हुए विमान में उनका कोई नागरिक सवार नहीं था। मलेशिया एयरलाइंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अहमद जौहरी ने ऑस्ट्रिया के जिस नागरिक का ज़िक्र किया था, उसके बारे में ऑस्ट्रिया का कहना है कि वो व्यक्ति एकदम सुरक्षित है।
यानी विमान हादसे की वजह से साथ ही उसमें सवार लोगों की असली पहचान भी सवालों के घेरे में आ गई है। वर्ष 2009 में एयर फ्रांस का एक विमान अटलांटिक महासागर पर उड़ान भरते हुए ग़ायब हो गया था। उसकी दु्र्घटना की वजह जानने में तीन साल का वक्त लग गया था।
इनमें चीन के 152, मलेशिया के 38, इंडोनेशिया के 12, ऑस्ट्रेलिया के 7, फ्रांस के 3, अमेरिका के भी 3,न्यूज़ीलैंड, यूक्रेन और कनाडा के दो-दो तथा इटली-ताइवान-नीदरलैंड्स और ऑस्ट्रिया के एक-एक यात्री थे।'' लेकिन यात्रियों की इस सूची में कम से कम दो नाम ऐसे भी मिले हैं जिनके पासपोर्ट थाईलैंड में चोरी हुए थे। इनमें से एक इटली का और दूसरा ऑस्ट्रिया का नागरिक बताया जाता है।