इराक: चरमपंथियों ने किया परमाणु सामग्रियों पर कब्जा
इराक ने संयुक्त राष्ट्र को चेताया है कि सुन्नी चरमपंथियों ने मोसुल के एक विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक शोध में इस्तेमाल होने वाली परमाणु सामग्रियों को अपने कब्जे में ले लिया है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स को संयुक्त राष्ट्र में इराक के राजदूत मोहम्मद अली अल हाकिम का एक पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें संयुक्त राष्ट्र से अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की गई है और आशंका जताई गई है कि चरमपंथी इन सामग्रियों का इस्तेमाल अपनी गतिविधियों में कर सकते हैं।
उन्होंने तस्करी के जरिए इन सामग्रियों को इराक से बाहर भेजे जाने की भी आशंका जताई है। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने इस मामले को ज्यादा तवज्जो नहीं दी है। उनका कहना है कि इन सामग्रियों में संवर्धित यूरेनियम नहीं और इनका इस्तेमाल हथियार के रूप में करना मुश्किल होगा।
हथियार फ़ैक्ट्री पर कब्जा
पत्र में कहा गया है कि मोसुल विश्वविद्यालय में करीब 40 किलोग्राम यूरेनियम पदार्थ रखे गए थे।
इससे पहले इराक़ ने मुथन्ना रासायनिक हथियार परिसर पर चरमपंथियों के कब्ज़े की पुष्टि की थी।
रासायनिक हथियारों की ये फ़ैक्ट्री बगदाद के पश्चिमोत्तर में है जहां सारिन और अन्य ख़तरनाक गैसों वाले रॉकेटों के अवशेष रखे हैं। वैसे संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका का कहना है कि ये हथियार इस अवस्था में नहीं हैं कि चरमपंथी उनका इस्तेमाल कर सकें।