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नार्थ कोरिया ने शुरू की जंग की तैयारी, अमेरिका ने कहा- खुला है बातचीत का रास्ता

Sun, 01 Oct 2017 06:28 AM IST
एजेंसी, सियोल/ बीजिंग
एजेंसी, सियोल/ बीजिंग Updated Sun, 01 Oct 2017 06:28 AM IST
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North Korean missiles recently spotted moved with rocket facility in Pyongyang

युद्ध की आहट को देखते हुए उत्तर कोरिया की कई मिसाइलों को प्योंगयांग के रॉकेट फैसलिटी से मूव किया गया है। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है  कि दक्षिण कोरिया और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि उत्तर कोरिया के मिसाइल रिसर्च एंड डेवलपमेंट फैसलिटी से कई कोरियन मिसाइलों को तैनात किया गया है। अमेरिका से मिले सैन्य कार्रवाई के संकेत के बाद उत्तर कोरिया ने यह कदम उठाया है। 

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दक्षिण कोरिया के कोरियन ब्रॉडकॉस्टिंग सिस्टम ने रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर कोरिया ने हाल ही में अपनी कई मिसाइलों को रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर से हटाकर प्योंगयांग के उत्तरी हिस्से में तैनात किया है। हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि ये मिसाइलें कब ले जाई गईं।
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माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया अब ज्यादा भड़काऊ कार्रवाई कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया की ये मिसाइलें या तो मध्यम रेंज वाली ह्वासॉन्ग-12 या अंतरद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें ह्वासॉन्ग-14 हो सकती हैं। सनम-डॉन्ग मिसाइल रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रतिष्ठान में अंतरद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें रहती हैं। 
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मालूम हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जांग के बीच वाकयुद्ध चरम पर है और दोनों एक-दूसरे को कई बार हमले की चेतावनी दे चुके हैं। 

'उत्तर कोरिया के साथ बातचीत का रास्ता खुला है'

North Korean missiles recently spotted moved with rocket facility in Pyongyang

वहीं अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने शनिवार को कहा कि उत्तर कोरिया के साथ बातचीत के लिए रास्ता खुला है अगर वह अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को छोड़कर बात करने को तैयार हो।

बीजिंग में चीनी अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद रेक्स ने कहा हम प्योंगयांग से बात कर सकते हैं। हम किसी अंधेरे में नहीं है। हम उससे बात कर सकते हैं, हम उससे बात करना चाहते हैं। इस बात की जांच की जा रही है कि अगर वह परमाणु कार्यक्रमों को छोड़कर बात करने को तैयार हो तो, हम बात कर सकते हैं।

क्या चीन दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा? इस सवाल पर टिलरसन ने कहा कि बातचीत के लिए हमारा अपना माध्यम है। परमाणु संकट पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और वहां के शीर्ष राजनयिकों से चर्चा के बाद टिलरसन ने यह बयान दिया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन के प्रस्तावित दौरे से पहले टिलरसन चीन के दौरे पर गए हैं। उन्होंने ने चीन के राष्ट्रपति और अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर वाणिज्य, उत्तर कोरिया और नवंबर में ट्रंप की प्रस्तावित यात्रा पर चर्चा की।

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