तानाशाह ने फिर दुनिया को चौंकाया, बोला- सुरक्षा की गारंटी मिले तो परमाणु हथियार त्याग देंगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपने परमाणु बमों से दुनिया को डराने वाले उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल के सामने एक प्रस्ताव रख पूरी दुनिया को चौंका दिया। किम ने कहा, अगर सुरक्षा की गारंटी मिले तो वह परमाणु बम त्यागने को तैयार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अंतर-कोरियाई समझौते और पुन:एकीकरण का नया इतिहास लिखने की उम्मीद है। दोनों देशों के राजदूतों के बीच प्योंगयांग में हुई बैठक के दौरान अंतर-कोरियाई सम्मेलन आयोजित करने संबंधी एक समझौते पर सहमति बन गई है।
दक्षिण कोरिया का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय प्रमुख चुंग इयुई-जुंग के नेतृत्व में उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में दो दिनी यात्रा पर आया हुआ है। किम जोंग-उन के पिता के निधन के पश्चात 2011 में किम के सत्ता में आने के बाद दक्षिण कोरिया के वरिष्ठ अधिकारियों से उनकी यह पहली मुलाकात है।
समाचार एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, किम ने दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल के साथ कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य तनाव कम करने और वार्ता, संपर्क व आपसी सहयोग बहाल करने को लेकर अपने विचार साझा किए।
केसीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, किम ने बार-बार स्पष्ट किया कि यह हमारा सतत और सैद्धांतिक रुख है कि उत्तर व दक्षिण कोरिया के संबंधों को उन्नत करने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ा जाए। वह सशक्त कोशिशों द्वारा दोनों देशों के बीच राष्ट्रीय पुन:एकीकरण का नया इतिहास लिखना चाहते हैं ताकि दुनिया दोनों देशों पर गौरवान्वित हो।
समाचार एजेंसी के मुताबिक प्योंगयांग पहुंचे दक्षिण कोरिया के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने किम जोंग-उन को दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेई-इन का पत्र भी सौंपा। बैठक में किम ने दोनों देशों के बीच व्यावहारिक कदम उठाने के आदेश दिए।
डोनाल्ड ट्रंप ने दी सीधी बातचीत की सलाह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दक्षिण कोरियाई नेता मून जेई-इन के बीच हुई टेलीफोन वार्ता से संदर्भ में व्हाइट हाउस ने बताया कि ट्रंप ने दक्षिण कोरियाई नेता को उत्तर के साथ सीधा संपर्क साधने की सलाह दी थी।
ट्रंप ने कहा कि जब मून ने उनसे पूछा कि हम उत्तर कोरिया से बात करना चाहते हैं तो मैंने कहा कि बात करिए, लेकिन आपके पास सिर्फ परमाणु निरस्त्रीकरण का विकल्प है और इसी पर बात करें। चूंकि अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच टकराव सर्वविदित है, ऐसे में उसके सहयोगी देश दक्षिण कोरिया का उत्तर कोरियाई नेता से मिलना चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी संदर्भ में व्हाइट हाउस ने बयान जारी किया।