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उत्तर कोरिया: दूतावासों से पल्ला झाड़ा

Sat, 06 Apr 2013 06:51 PM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Sat, 06 Apr 2013 06:51 PM IST
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north korea will not security guarantee of foreign embassies

उत्तर कोरिया ने अपनी राजधानी प्योंगयांग में स्थित विदेशी दूतावासों से कहा है कि संकट पैदा होने की स्थिति में वो उनकी सुरक्षा का गारंटी नहीं दे सकता है। सरकार ने इन दूतावासों से कर्मचारियों को हटाने पर विचार भी करने को कहा है।

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रूस और ब्रिटेन ने कहा है कि उत्तर कोरियाई राजधानी में अपने दूतावासों को खाली करने की उनकी तत्काल कोई योजना नहीं है।

उत्तर कोरिया की ओर से अमेरिका और दक्षिण कोरिया पर हमले की धमकियों के कारण पैदा हुए तनाव के बीच प्योंगयांग सरकार ने दूतावासों के ये चेतावनी दी है।

रिपोर्टें हैं कि दक्षिण कोरिया ने मिसाइल रक्षा प्रणाली के साथ अपने दो युद्धपोतों को तैनात किया है। सैन्य अधिकारियों ने दक्षिण कोरियाई मीडिया को बताया कि इन्हें देश के पूर्वी और पश्चिमी तटों पर तैनात किया गया है।
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बढ़ता तनाव
इससे पहले उत्तर कोरियाई मिसाइल को उसके पूर्वी तट पर भेजे जाने की खबर आईं। हालांकि दक्षिण कोरिया ने इसे ज्यादा तवज्जो नहीं दी। उसका कहना है कि मिसाइल को परीक्षण के तहत भी वहां भेजा जा सकता है।
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वहीं अमेरिका ने कहा है कि अगर उत्तर कोरिया अपनी एक और नई मिसाइल का परीक्षण रहा होगा तो उसे इसमें कोई हैरानी नहीं होगी।

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने कहा, “हमने पहले भी उन्हें मिसाइल प्रक्षेपित करते देखा है।”

ब्रितानी राजनयिकों ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर कोरिया ने उनसे कहा है कि वो 10 अप्रैल तक ये बताएं कि दूतावास को खाली कराने की स्थिति में उन्हें क्या क्या मदद चाहिए।

विदेशी और राष्ट्रमंडल कार्यालय के बयान में कहा गया है, “हम इस घटनाक्रम पर अपने अंतरराष्ट्रीय साझीदारों से मशविरा कर रहे हैं। अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है। दूतावास से हटने का तुरंत हमारा कोई इरादा नहीं है।”


रूस की चिंता
रूसी विदेश मंत्री सेरगेई लावरोव ने कहा है कि वो बढ़ते तनाव से "बहुत ही चिंतित हैं, जो अभी मौखिक है।"

उन्होंने कहा, “हमारी दिलचस्पी ये पता करने में है कि क्या उत्तर कोरिया ने दूतावासों को खाली कराने ये फैसला लिया है या ये फिर सिर्फ एक पेशकश है।”

सियोल में बीबीसी संवाददाता लुसी विलियमसन का कहना है कि प्योंगयांग से मिल रही जानकारी के मुताबिक वहां स्थिति शांत है। ऐसे में बहुत से लोग मानते हैं कि उत्तर कोरिया जानबूझ कर संकट जैसी स्थिति को तूल दे रहा है।

लेकिन उत्तर कोरियाई धमकियों को देखते हुए अमेरिका भी प्रशांत महासागर में अपने द्वीप गुआम पर मिसाइल रक्षा प्रणाली भेजने की घोषणा कर चुका है।

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