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ट्रंप-किम मुलाकात से पहले सनसनीखेज खुलासा, परमाणु हथियारों को पूरी तरह खत्म नहीं करेगा उ. कोरिया

Tue, 15 May 2018 04:57 AM IST
एजेंसी, सियोल
एजेंसी, सियोल Updated Tue, 15 May 2018 04:57 AM IST
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North korea will never end nuclear weapons altogether former diplomat

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच अगले महीने होने वाली ऐतिहासिक शिखर बैठक से पहले उत्तर कोरिया के एक पूर्व राजनयिक ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियारों को कभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं करेगा।

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ब्रिटेन में उत्तर कोरिया के उप राजदूत रहे थाए योंग-हो ने कहा कि मौजूदा कूटनीतिक कोशिश और बातचीत, वास्तविक और पूरी तरह निरस्त्रीकरण के साथ खत्म नहीं होगी। हालांकि यह कोशिश उत्तर कोरियाई परमाणु खतरे को जरूर कम कर देगी। थाए योंग-हो ने अगस्त 2016 में अपना पद छोड़ दिया था। उन्होंने दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी न्यूसिस न्यूज से कहा कि आखिरकार उत्तर कोरिया परमाणु हथियार मुक्त देश के नकाब में परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र ही रहेगा। गौर करने वाली बात यह है कि उक्त टिप्पणी 12 जून को सिंगापुर में किम और और ट्रंप के बीच होने वाली अभूतपूर्व शिखर बैठक के पहले आई है।
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माना जा रहा है कि दोनों कद्दावर नेताओं के बीच होने वाली बैठक में उत्तर कोरियाई एटमी और मिसाइल कार्यक्रम के एजेंडे के छाए रहने के आसार हैं। थाए योंग-हो ने कहा कि उत्तर कोरिया की कूनीतिक रणनीति है कि पहले अत्याधिक टकराव के हालात पैदा करो और फिर अचानक ही शांति के संकेत दो। बता दें कि हाल ही में उत्तर कोरिया ने कहा था कि वह अपने परमाणु परीक्षण स्थल को नष्ट कर देगा। 
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हिरोशिमा पर गिरे बम से 10 गुना शक्तिशाली था उत्तर कोरियाई एटमी परीक्षण
सिंगापुर। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि पिछले साल किया गया उत्तरी कोरिया का नवीनतम और सबसे बड़ा भूमिगत परमाणु परीक्षण द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हिरोशिमा पर अमेरिका द्वारा गिराए गए बम से 10 गुना शक्तिशाली था।

सिंगापुर में नान्यांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के वैज्ञानिकों ने दिखाया कि यह परमाणु परीक्षण इतना शक्तिशाली था जो एक पहाड़ को भी अपनी जगह से हिला सकता था। जर्नल साइंस में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, उत्तर कोरिया में तीन सितंबर, 2017 को पंगये-री के परमाणु परीक्षण स्थल पर उक्त परमाणु परीक्षण हुआ था। इसने मंताप पहाड़ी क्षेत्र को इस तरह हिला दिया था कि जैसे 5.2 तीव्रता का भूकंप आया हो। (एजेंसी)

राजनयिक संपर्क बढ़ाने की मंशा से उत्तर कोरियाई प्रतिनिधिमंडल पहुंचा चीन
ट्रंप और किम जोंग के बीच होने वाली शिखर बैठक से पहले उत्तर कोरिया और चीन के बीच राजनयिक संपर्क बढ़ाने की मंशा से उत्तर कोरियाई प्रतिनिधिमंडल सोमवार को बीजिंग पहुंचा। जापानी प्रसारणकर्ता एनएचके ने बीजिंग में हवाईअड्डे के वीआईपी इलाके से निकलते हुए अधिकारियों की तस्वीरें जारी कीं। \\


विशेषज्ञों का कहना है कि 12 जून को सिंगापुर में ट्रंप के साथ किम जोंग उन की बैठक के मद्देनजर बीजिंग अलग-थलग नहीं दिखना चाहता। वहीं उत्तर कोरियाई नेता किम भी चीन के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहते हैं। बता दें कि पिछले साल के किम जोंग उन द्वारा परमाणु परीक्षण किए जाने से नाराज बीजिंग ने उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों का समर्थन किया था जिसके बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब हो गए थे। (एजेंसी) 

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