उत्तर कोरिया ने अमेरिका को धमकाया, छोटे देश से पंगा न ले
उत्तरी कोरिया ने अमेरिका को खबरदार किया है कि अगर परमाणु तनाव गहराता है तो इसकी अमेरिका को 'भारी कीमत' चुकानी पड़ेगी। उत्तर कोरिया ने यह प्रतिक्रिया अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी के उस बयान पर दी है जिसमें उन्हेंने कहा था कि उत्तर कोरिया को अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर देना चाहिए।
लाओस की मेजबानी में आयोजित क्षेत्रीय सुरत्रा सम्मेलन में केरी ने कहा था कि उत्तर कोरिया का मामला बड़ा ही उत्तेजक और चिंतनीय है।
उन्हेंने उत्तर कोरिया से आग्रह किया कि उसे भी ईरान का अनुसरण करना चाहिए। जिसने प्रतिबंधों को हटवाने के लिए अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर दिया।
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो ने उसी सम्मेलन में कहा कि उत्तर कोरिया किसी भी तरह के प्रतिबंधों के लिए तैयार है।
ताकतवर देश छोटे देश हमले की गलती न करे
उत्तर कोरिया का कहना है,'अमेरिका की फौज के खतरे को देखते हुए इससे निपटने के लिए उसे परमाणु हथियारों की जरूरत है। अमेरिका के दक्षिण कोरिया में 28,500 सैनिक हैं जो जो दक्षिण कोरिया के साथ लगातार संयुक्त सैन्य अभ्यास करते हैं। उत्तर कोरिया अमेरिका से कई बार मांग करता रहा है कि दक्षिण कोरिया से अपने सैनिकों को वापस बुला ले।'
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो ने आगे कहा अगर कोई ताकतवर देश छोटे देश पर हमला करेगा तो वह भी सुरक्षित नहीं रहेगा।
कई विश्लेषक कह रहे हैं उत्तेर कोरिया ने खतरनाक परमाणु उपकरण विकसित किए हैं और वह ऐसी बेलिस्टिक मिसाइल बना रहा है जिसकी पहुंच अमेरिका तक हो।