उत्तर कोरिया की अमेरिका को धमकी, 'हम तुम्हें राख के ढेर में बदल सकते'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर कोरिया ने कहा है कि उसने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल के लिए डिजाइन किए गए एक इंजन का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने कहा है कि ये नई तरह का इंजन है जो अमरीका पर परमाणु हमला करने की क्षमता को 'सुनिश्चित करेगा।' सरकारी मीडिया के मुताबिक इस परीक्षण के दौरान उत्तर कोरिया के नेता किम जोन्ग उन भी मौजूद थे। मार्च में उत्तर कोरिया ने कहा था कि उसने ऐसे छोटे परमाणु हथियार तैयार किए हैं जो बैलेस्टिक मिसाइल पर फिट करके दागे जा सकते हैं। हालांकि जानकार इस दावे पर सवाल उठाते हैं।
उत्तर कोरिया के इस मिसाइल टेस्ट के बाद वहां के नेता किम जोंग ने कहा कि यह मिसाइल परीक्षण हमें और ज्यादा ताकत देगा। इस परीक्षण के बाद हमें ऐसी ताकत मिल गई है कि अमेरिका पर आसानी से हमला किया जा सकता है और उसे राख के ढेर में बदल कर दुनिया से उसका नामोंनिशान मिटाया जा सकता है।
उत्तर कोरिया ने जनवरी में परमाणु परीक्षण किया था जबकि फरवरी में उसने एक उपग्रह प्रक्षेपित किया। उत्तर कोरिया के इन क़दमों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी आलोचना हुई और अमेरिका ने उसके खिलाफ नए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगा दिए।
फरवरी 2016: रॉकेट लॉन्च, जो ख़बरों के मुताबिक़ सैटेलाइट को लेकर गया।
मई 2015: उत्तर कोरिया ने घोषणा कि उसने पहली बार मिसाइल वाली पनडुब्बी का सफल परीक्षण किया है, लेकिन इसके बाद उसकी बहुत आलोचना हुई।
दिसंबर 2012: उत्तर कोरिया ने तीन चरण वाला रॉकेट छोड़ा और कहा कि उत्तर कोरिया ने कक्षा में उपग्रह स्थापित कर दिया है। अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने कक्षा में किसी वस्तु के होने की पुष्टि की।
अप्रैल 2012: तीन चरणों वाला रॉकेट प्रक्षेपण के बाद ही विस्फोट से ध्वस्त हो गया और समंदर में आकर गिर गया।
अप्रैल 2009: तीन चरण वाला रॉकेट छोड़ा गया। उत्तर कोरिया ने इस सफल बताया जबकि अमरीका ने कहा कि ये नाकाम रहा और समंदर आ गिरा।
जुलाई 2006: उत्तर कोरिया ने लंबी दूरी की मिसाइल ताइपोदोंग-2 का परीक्षण किया। अमरीका ने कहा कि छोड़े जाने के बाद ही ये नाकाम हो गई।