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उत्तर कोरिया ने 'मिसाइल का रूख़ मोड़ा'
Updated Thu, 04 Apr 2013 10:25 PM IST
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दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने अपने 'काफी दूरी तक मार कर सकने वाले' एक मिसाइल को अपने पूर्वी तट की ओर स्थानांतरित कर दिया है।
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हालांकि किम क्वान-जिन ने इस बात पर इतनी तवज्जो नहीं दिया कि अमेरिका को मिसाइल का निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ये साफ नहीं है कि उत्तर कोरिया क्या करना चाहता है।
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पयोंगयैंग ने पहले अमेरिका के खिलाफ परमाणु हमले के धमकी को दोहराया है। इस बीच रूस ने कहा है कि उत्तर कोरिया जिस तरह से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के फैसलों की अवहेलना कर रहा है उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
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रूस का कहना है कि इसकी वजह से पहले हुई छह-पक्षीय बातचीत फिर से शुरू होने में रुकावटें पैदा हो जाएंगी। उत्तर और दक्षिण कोरिया, अमरीका, रूस, चीन और जापान इस बातचीत में साल 2008 में शामिल हुए थे।
उत्तर कोरिया ने अपनी सेना को अमेरिका पर परमाणु हमला करने की अनुमति देने की बात कही है।
देश की सेना की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि 'अमेरिका की आक्रामक नीति और परमाणु खतरे को सख़्ती से कुचला जाएगा' और इस बारे में 'निर्मम अभियान की इजाज़त दे दी गई है।'
बयान में तो यहां तक कहा गया है कि कोरियाई प्रायद्वीप में 'आज या कल' में ही युद्ध शुरू हो सकता है।
उधर अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता कैटलिन हेडन ने कहा कि उत्तर कोरिया का बयान हालात सुधारने में किसी तरह की मदद नहीं करता। उन्होंने उसे भड़काऊ बयान बताया।
वहीं दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में मौजूद बीबीसी संवाददाता डेमियन ग्रैमेटिकस के मुताबिक कुछ प्रेक्षक इस बात पर विश्वास करते हैं कि उत्तर कोरिया के पास ऐसे रॉकेट या हथियार हैं जिनसे वह अमेरिका को निशाना बना सकते हैं।
उत्तर कोरिया ने अपने मिसाइल प्रणाली को हमले के लिए तैयार रहने को कहा है। प्रशांत महासागर स्थित गुआम द्वीप पर अमरीका की ओर से अत्याधुनिक मिसाल रक्षा प्रणाली को तैनात करने की घोषणा के बाद उत्तर कोरिया ने यह धमकी दी है।
युद्ध जैसे हालात
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा था कि उत्तर कोरिया से निपटने के लिए आने वाले हफ्तों में वह बैलिस्टिक टर्मिनल हाई अल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सिस्टम (थाड) को गुआम पर तैनात करेगा।
इस साल फरवरी में उत्तर कोरिया ने अपना तीसरा परमाणु परीक्षण किया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने उसके खिलाफ प्रतिबंध लगा दिए थे।
अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साझा सैन्य अभ्यास ने उत्तर कोरिया की नाराजगी को और बढ़ा दिया है। हाल में उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका पर हमले की धमकी दी थी।
उत्तर कोरिया ने बुधवार को अपनी सीमा पर चौकी से दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त रूप से चलाए जा रहे केसांग औद्योगिक क्षेत्र में दक्षिण कोरियाई मजदूरों को प्रवेश करने से रोक दिया था।
अमेरिकी कार्रवाई
इन हालात को देखते हुए पेंटागन ने एक बयान में कहा कि उत्तर कोरिया की तरफ से क्षेत्रीय बैलिस्टिक मिसाइल संबंधी धमकियों को देखते हुए एहतियात के तौर पर मिसाइल रक्षा प्रणाली को गुआम भेजा रहा है।
बयान के अनुसार, “उत्तर कोरिया के भड़काऊ बयानों को देखते हुए अमेरिका पूरी तरह चौकन्ना है और अपने क्षेत्र, अपने सहयोगियों और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए तैयार है।”
हालिया हफ्तों में उत्तर कोरिया अपनी धमकियों में अमेरिकी क्षेत्र गुआम में स्थित सैन्य ठिकानों और अमेरिकी राज्य हवाई को निशाना बनाने की बात कहता रहा है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री चक हेगेल ने बुधवार को अपने एक अहम भाषण में कहा, “पिछले कुछ हफ्तों में उनकी तरफ से जो कदम उठाए गए हैं, वो वास्तविक और स्पष्ट खतरे को दर्शाते हैं।” उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के कारण दक्षिण कोरिया और जापान के हितों के लिए भी खतरा पैदा हुआ है।