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उत्तर कोरिया भारत के लिए हो सकता है फायदेमंद, ट्रंप-किम मुलाकात से आएगी भारत में विदेशी मुद्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 12 Jun 2018 04:55 PM IST
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अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के बीच शिखर वार्ता के सफल नतीजे भारत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं क्योंकि उत्तर कोरिया भारत के लिए उभरता बाजार साबित हो सकता है। उद्योग जगत से जुड़े ऑब्जर्वर्स ने यह बात कही। ट्रंप और किम के बीच पहली बार मंगलवार को शिखर वार्ता हुई है। माना जा रहा है कि इससे उत्तर कोरिया के अपने परमाणु हथियार छोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी।
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सूत्र ने कहा , 'भारत ने पूर्वी एशिया के साथ आसियान देशों पर अपना अधिक ध्यान केंद्रित किया है और उत्तर कोरिया जैसा उभरता बाजार भारत के निर्यात आधारित उद्योग के विस्तार के लिए बहुत फायदेमंद होगा।' मोदी सरकार ने भारत की ऐक्ट ईस्ट नीति पेश की थी। यह नीति एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पड़ोसी देशों के साथ मजबूत संबंध स्थापित करने पर केंद्रित है।
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शिखर वार्ता का नतीजा आशावादी होना अच्छा रहेगा, हालांकि कुछ आशंकाएं अभी भी बनी हुई हैं क्योंकि ट्रंप और किम दोनों ही मजबूत नेता हैं। एक अन्य राजनयिक सूत्र ने कहा कि वैश्विक शांति के लिए किम ने बड़ा कदम उठाया है हालांकि, शिखर वार्ता को लेकर अभी कोई अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। एक उद्योग पर्यवेक्षक ने कहा कि भारत इस वार्ता में सीधे तौर पर शामिल नहीं है लेकिन इस तरह के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में जाहिर तौर पर उसकी हिस्सेदारी है जो कि दुनिया भर में शांति के लिए काम करती है।
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पर्यवेक्षक ने जोर दिया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और सभी के साथ उसके दोस्ताना संबंध हैं। भारत के अमेरिका के साथ-साथ सिंगापुर से भी मजबूत राजनयिक और आर्थिक संबंध हैं। सिंगापुर भारत की ऐक्ट ईस्ट नीति के लिए एक मंच है।