उत्तर कोरिया ने किया पांचवां परमाणु परीक्षण, दुनियाभर में आलोचना
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उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को अपना पांचवां परमाणु परीक्षण किया। अपने 68वें स्थापना दिवस के अवसर पर किए गए इस परीक्षण को अब तक का उत्तर कोरिया का सबसे ताकतवर परमाणु परीक्षण माना जा रहा है। उत्तर कोरिया का कहना है कि इस परीक्षण से उसने परमाणु वारहेड को बैलेस्टिक मिसाइल पर लगाने की क्षमता हासिल कर ली है। वहीं दुनियाभर में उत्तर कोरिया के इस परमाणु परीक्षण की आलोचना हो रही है।
दक्षिण कोरिया ने परीक्षण की आलोचना करते हुए कहा कि युवा शासक किम जोंग उन की ‘सनक भरी लापरवाही’ आत्मविनाश की ओर ले जाएगी। वहीं, बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षणों को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने ‘बिल्कुल सही’ बताया। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने भी उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण को ‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘उत्तर कोरिया का परमाणु विकास जापान की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय समेत क्षेत्र की सुरक्षा और शांति को कमजोर कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने भी उत्तर कोरिया के इस परीक्षण को परेशानी और अफसोसजनक बताया है। अंतराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख युकिया अमानो ने कहा यह स्पष्ट रूप से संयुक्त राष्ट सुरक्षा परिषद के कई प्रावधानों का उल्लंघन है।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ ने कहा, ‘परमाणु परीक्षण ने सामरिक बैलेस्टिक रॉकेट पर लगाए जाने के लिए मानकीकृत किए गए परमाणु वारहेड एवं विशेषताओं की आखिरकार पुष्टि कर दी। उत्तर कोरिया की एक टीवी उद्घोषक ने कहा ‘हमारे परमाणु वैज्ञानिकों ने नव विकसित परमाणु वारहेड का परमाणु परीक्षण किया जो कि देश के उत्तरी परमाणु परीक्षण स्थल पर संपन्न हुआ।’ जिस समय यह परीक्षण किया जा रहा था उस समय दक्षिण कोरिया की जमीन पर भूकंप के झटके महसूस किए गए।
इससे पहले उत्तर कोरिया ने बैलेस्टिक मिसाइल के कुछ परीक्षण किए थे जिनपर उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हुई और संयुक्त राष्ट्र ने उस पर प्रतिबंध भी लगाए। वर्ष 2013 में किए गए परमाणु परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया ने एक प्लूटोनियम रिएक्टर फिर से चालू कर लिया था। उत्तर कोरिया ने योंगबयोन परिसर में स्थित यह रिएक्टर वर्ष 2007 में निरस्त्रीकरण के लिए सहायता समझौते के तहत बंद कर दिया था।
ओबामा ने दी गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उत्तर कोरिया को पांचवां परमाणु परीक्षण करने के बाद गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह चेतावनी दक्षिण कोरिया और जापान के नेताओं से विचार विमर्श के बाद दी। इससे पहले उत्तरी कोरिया के सरकारी टेलीविजन ने खबर दी कि शुक्रवार को देश ने ‘सफलतापूर्वक’ परमाणु परीक्षण किया। मॉनिटर ने सुबह मुख्य परमाणु स्थल के समीप 5.3 की तीव्रता का ‘कृत्रिम भूकंप’ का पता लगाया। माना जा रहा है कि यह उत्तर कोरिया का अब तक का सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण है।
वाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात के संकेत दिए है कि उत्तर कोरिया की तरफ से उत्तेजक कार्रवाई सुनिश्चित होने के बाद आगे के लिए वह अपने सहयोगियों और साझेदारों से परामर्श करना जारी रखेंगे। उत्तर कोरिया को इस संबंध में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ओबामा ने अपने विमान में एशिया से लौटते के दौरान स्थिति पर जानकारी दी। ओबामा ने अपने विमान से ही दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति पार्क ग्वेन हे और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे से अलग-अलग फोन पर बातचीत की। अर्नेस्ट ने कहा कि राष्ट्रपति ने एशिया और दुनिया भर में अपने सहयोगियों की सुरक्षा की अमेरिका की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।
इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिका कोरिया प्रायद्वीप में ज्ञात परमाणु स्थल के आसपास नजर बनाए रखने के साथ ही लगातार उस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधि के संदर्भ में स्थिति का आकलन कर रहा है। प्राइस ने कहा कि अम अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ करीबी समन्वय से लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखने के साथ ही उसका आकलन कर रहे हैं।
चीन दर्ज कराएगा कूटनीतिक विरोध
उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण का विरोध करते हुए चीन ने कहा कि वह इस संबंध में कूटनीतिक विरोध दर्ज कराएगा। चीन ने उत्तर कोरिया से परमाणु मुक्त प्रतिबद्धता का सम्मान करने को कहा।
चीनी विदेश विभाग के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि मंत्रालय का एक वरिष्ठ अधिकारी डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) के समक्ष कूटनीतिक विरोध दर्ज कराएगा। इससे पहले मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘आज अंतरराष्ट्रीय समुदाय के वैश्विक विरोध के बावजूद डीपीआरके ने एक और परमाणु परीक्षण किया।
चीनी सरकार इसका कड़ा विरोध करती है। उत्तर कोरिया के प्रमुख सहयोगी चीन के लिए यह परमाणु परीक्षण एक अन्य झटका है। इससे उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम पर छह देशों की वार्ता बहाल होने की संभावना भी धूमिल हो गई है।