फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   noble prize winner tim hint resign

महिलाओं पर टिप्पणी के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता ने दिया इस्तीफा

Thu, 11 Jun 2015 05:04 PM IST
Updated Thu, 11 Jun 2015 05:04 PM IST
विज्ञापन
noble prize winner tim hint resign

नोबेल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक सर टिम हंट ने महिलाओं पर विवादास्पद टिप्पणी के बाद मानद प्रोफ़ेसर के अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। सर टिम हंट ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में बतौर मानद प्रॉफ़ेसर काम कर रहे थे।

विज्ञापन


सर टिम हंट ने दक्षिण कोरिया में एक कॉन्फ़्रेंस में कहा था, "मैं आपको बताता हूँ कि महिलाओं के साथ क्या दिक्कत है। जब वे प्रयोगशाला में होती हैं तो तीन बातें होती हैं- आपको उनसे प्यार हो जाता है, उनको आपसे प्यार हो जाता है और जब आप उनकी आलोचना करते हैं तो वो रोने लगती हैं।"
विज्ञापन


हालांकि बीबीसी से बातचीत में उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगी थी, लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वे ईमानदारी से अपनी बात रख रहे थे और वो महिलाओं को लेकर वाकई ऐसा सोचते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

'प्रेम में पड़ चुका हूं'

noble prize winner tim hint resign

बीबीसी रेडियो 4 के टुडे कार्यक्रम पर उन्होंने कहा, ‘मैं लैब में प्रेम में पड़ चुका हूं और कभी लैब में कुछ महिलाओं को मुझसे प्यार हुआ है। और मुझे लगता है कि इससे आपका ध्यान भटकता है। मुझे बहुत खेद है कि मेरी टिप्पणी से कई लोगों को ठेस पहुंची है, लेकिन सच तो ये है कि मैं बस अपने ईमानदार विचार सामने रख रहा था।’ उन्होंने कहा कि इतने सारे पत्रकारों के बीच ये बात कहना बेवकूफ़ी थी।

यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ लंदन की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘'यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन ब्रिटेन की पहली यूनिवर्सिटी थी जिसने महिलाओं को पुरुषों के बराबर मानते हुए दाखिला दिया। हमारा अब भी यही मानना है। इस बयान के बाद सर टिम हंट का इस्तीफ़ा हमारी प्रतिबद्धता के अनुकूल है।’'

ज़िम्मेदारी

noble prize winner tim hint resign

72 वर्षीय सर टिम हंट को साल 2001 में कोशिका विभाजन पर उनके काम के लिए चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।
कॉन्फ़्रेस में हिस्सा लेने आई कॉनी कहती हैं कि टिम हंट ने जो कहा वो कहीं से भी मज़ाकिया नहीं था और उनका मतलब था कि महिलाओं को प्रयोगशाला में अलग कर देना चाहिए।

वहीं यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की डॉक्टर जेनिफ़र रॉन ने कहा, "ज़ाहिर है वे मज़ाकिया होने की कोशिश कर रहे थे। वो भी इंसान हैं लेकिन साथ ही रोल मॉडल होने के नाते उनकी कुछ ज़िम्मेदारी भी बनती है।''

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed