महिलाओं पर टिप्पणी के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता ने दिया इस्तीफा
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नोबेल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक सर टिम हंट ने महिलाओं पर विवादास्पद टिप्पणी के बाद मानद प्रोफ़ेसर के अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। सर टिम हंट ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में बतौर मानद प्रॉफ़ेसर काम कर रहे थे।
सर टिम हंट ने दक्षिण कोरिया में एक कॉन्फ़्रेंस में कहा था, "मैं आपको बताता हूँ कि महिलाओं के साथ क्या दिक्कत है। जब वे प्रयोगशाला में होती हैं तो तीन बातें होती हैं- आपको उनसे प्यार हो जाता है, उनको आपसे प्यार हो जाता है और जब आप उनकी आलोचना करते हैं तो वो रोने लगती हैं।"
हालांकि बीबीसी से बातचीत में उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगी थी, लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वे ईमानदारी से अपनी बात रख रहे थे और वो महिलाओं को लेकर वाकई ऐसा सोचते हैं।
'प्रेम में पड़ चुका हूं'
बीबीसी रेडियो 4 के टुडे कार्यक्रम पर उन्होंने कहा, ‘मैं लैब में प्रेम में पड़ चुका हूं और कभी लैब में कुछ महिलाओं को मुझसे प्यार हुआ है। और मुझे लगता है कि इससे आपका ध्यान भटकता है। मुझे बहुत खेद है कि मेरी टिप्पणी से कई लोगों को ठेस पहुंची है, लेकिन सच तो ये है कि मैं बस अपने ईमानदार विचार सामने रख रहा था।’ उन्होंने कहा कि इतने सारे पत्रकारों के बीच ये बात कहना बेवकूफ़ी थी।
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ लंदन की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘'यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन ब्रिटेन की पहली यूनिवर्सिटी थी जिसने महिलाओं को पुरुषों के बराबर मानते हुए दाखिला दिया। हमारा अब भी यही मानना है। इस बयान के बाद सर टिम हंट का इस्तीफ़ा हमारी प्रतिबद्धता के अनुकूल है।’'
ज़िम्मेदारी
72 वर्षीय सर टिम हंट को साल 2001 में कोशिका विभाजन पर उनके काम के लिए चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार दिया गया था।
कॉन्फ़्रेस में हिस्सा लेने आई कॉनी कहती हैं कि टिम हंट ने जो कहा वो कहीं से भी मज़ाकिया नहीं था और उनका मतलब था कि महिलाओं को प्रयोगशाला में अलग कर देना चाहिए।
वहीं यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की डॉक्टर जेनिफ़र रॉन ने कहा, "ज़ाहिर है वे मज़ाकिया होने की कोशिश कर रहे थे। वो भी इंसान हैं लेकिन साथ ही रोल मॉडल होने के नाते उनकी कुछ ज़िम्मेदारी भी बनती है।''