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'मेरे रहते फलस्तीन नहीं बन सकता राज्य'
Updated Tue, 17 Mar 2015 08:12 AM IST
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इसरायल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतान्याहू ने आम चुनाव के लिए प्रचार के आखिरी दिन कहा कि यदि वे दोबारा चुन कर आते हैं तो फलस्तीन का एक अलग राज्य के तौर पर गठन नहीं होने देंगे।
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उनके इस वक्तव्य को उनकी लिकुड पार्टी के लिए चुनाव से पहले समर्थन बढ़ाने की मुहिम का एक हिस्सा माना जा रहा है। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में मध्य वामपंथी विपक्षी गठबंधन जियोनिस्ट यूनियन को लिकुड पार्टी से ज़्यादा सीटें जीतने की संभावना जताई गई है।
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नेतान्याहू का कहना था कि फलस्तीन को जमीन देने से इसरायल को इस्लामी चरमपंथियों से होने वाले हमले का खतरा होगा।
इस बीच चुनाव प्रचार के आखिरी दिन नेतान्याहू ने पूर्वी यरुशलम में सबसे ज्यादा विवादास्पद यहूदियों की बस्तियों का दौरा किया। उन्होंने हर होमा में यरुशलम की एकता को संरक्षित रखने की शपथ ली।
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जब उनसे पूछा गया कि वो अगर दोबारा चुन कर आते हैं तो क्या फ़लस्तीन को अलग राज्य नहीं बनने देंगे, तो नेतान्याहू का कहना था- "बिल्कुल नहीं।"
साल 2009 में उन्होंने इस शर्त पर फलस्तीन क्षेत्र के विचार का समर्थन किया था कि वहां से सेना हटे और फलस्तीन इसरायल को मान्यता दे।