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छिटपुट हिंसा के बीच नेपाल में 70 फीसदी मतदान
ब्यूरो/काठमांडू
Updated Wed, 20 Nov 2013 10:51 AM IST
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नेपाल में संविधान सभा का चुनाव छिटपुट हिंसा को छोड़कर शांतिपूर्ण रहा। मुख्य चुनाव आयुक्त नीलकंठ उप्रेती ने बताया कि मंगलवार को 70 फीसदी से अधिक मतदान हुआ।
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आयोग ने दावा किया है कि यह नेपाल के इतिहास का रिकॉर्ड मतदान है। कुछ केंद्रों पर मतपत्र लूटे जाने की भी खबर है। मतदान केंद्रों से जिला मुख्यालय पर मतपेटी पहुंचने के बाद मतगणना शुरू होगी।
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इससे पहले आयोग के प्रवक्ता बीर बहादुर राई ने अमर उजाला को बताया था कि अनुमानित रूप से देश भर में कुल 65 फीसदी से अधिक वोटरों ने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि जुम्ला जिले के बेपाल गांव में मतपत्र लूटे जाने के बाद चुनाव स्थगित कर दिया गया।
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आयोग ने दावा किया है कि अवरोध, हड़ताल और विस्फोट के बावजूद नेपाल की जनता ने मतदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि देश के ज्यादातर मतदाता दोपहर तक वोट डाल चुके थे।
पोलिंग बूथों पर मतपेटी सील
इससे पहले 240 निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह सात से शाम पांच बजे तक वोटिंग हुई। मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद पोलिंग बूथों पर मतपेटी सील किए जाने का काम शुरू हो गया।
मतदान केंद्रों से जिला मुख्यालय तक मतपेटी पहुंचने के बाद मतगणना शुरू होगी। यातायात की सुविधा वाले जिलों में मंगलवार रात से ही मतगणना शुरू हो जाएगी।
नेपाल के गृह मंत्री माधव घिमिरे ने भी छिटपुट घटनाओं को छोड़कर चुनाव को शांतिपूर्ण एवं सफल बताया है।
उधर, चुनाव में खलल डालने के आरोप में विभिन्न जिलों से 55 लोगों को हिरासत में लिया गया है। देश में पहला संविधान सभा का चुनाव 10 अप्रैल 2008 को हुआ था।
माओवादियों के प्रभाव वाले क्षेत्र में वोटिंग जीरो
नेपाल में माओवाद के उद्गम स्थल रोल्पा जिले के थवांग में किसी ने भी मतदान नहीं किया। यहां 1,878 मतदाता हैं और मंगलवार को ये लोग घर से बाहर नहीं निकले। थवांग नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) बैद्य गुट से अत्यधिक प्रभावित क्षेत्र है।
सुबह से रात तक वाहनों पर रोक
सुरक्षित चुनाव के लिए देश भर में सुबह सात से रात 12 बजे तक सवारी गाड़ियों के आवागमन पर प्रतिबंध था। इसके तहत निर्वाचन आयोग से अनुमति पत्र लिए बगैर कोई भी गाड़ी सड़क पर नहीं चल सकती।
राष्ट्रपति ने नहीं किया मतदान
नेपाल के राष्ट्रपति रामबरन यादव ने संविधान सभा के चुनाव में मतदान नहीं किया। राष्ट्राध्यक्ष के पद पर रहते हुए यादव ने किसी एक पार्टी को वोट देना उचित नहीं समझा। हालांकि वह राष्ट्रपति भवन के निकट मतदान केंद्र पर पैदल पहुंचे और चुनाव प्रक्रिया का जायजा लिया।
तीन बूथों पर लूटी गईं मतपेटियां
तीन क्षेत्रों में बूथ पर कब्जा करने और मतपत्र लूटे जाने की खबर है। दैलेख जिले के हाडाकोट में तीन बूथों पर सुबह दो दर्जन से ज्यादा नेकपा माओवादी के लोग पहुंचे और मतदान कर्मचारियों के साथ मारपीट की।
वे मतपेटी समेत मतदान सामग्री लूट ले गए। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने हवाई फायरिंग की, जिसमें एक बच्चे सहित छह मतदाता घायल हो गए।
पांच घंटे बाद हेलीकॉप्टर से मतदान सामग्री लाई गई, तब मतदान शुरू हो सका।
संविधान बनाने का दूसरा मौका
संविधान सभा के चुनाव पर भारत और चीन दोनों पड़ोसी देशों की नजर है।
आशंका इस बात की है कि करीब 27 मिलियन आबादी वाले इस देश में अगर प्रभावी सरकार न बनी तो यह कहीं आतंकियों और आपराधिक गिरोहों का केंद्र न बन जाए।
पिछले चुनाव के बाद से देश में राजनीतिक अस्थिरता बरकरार है। जनता ने एक बार फिर नेताओं को संविधान तैयार करने का मौका दिया है।
पिछले चुनाव में माओवादी सबसे आगे थे पर इस बार उनका जनाधार घट सकता है।