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देश में हो चुकी है आम चुनावों की घोषणा, नेपाली PM ने किया कैबिनेट विस्तार
Updated Tue, 12 Sep 2017 09:27 AM IST
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नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने सोमवार को अब तक का सबसे बड़ा कैबिनेट विस्तार किया है। देउबा ने अपने कैबिनेट विस्तार में 54 मंत्रियों को शामिल किया। इससे पहले 1996 में भी देउबा ने ही सबसे बड़ा कैबिनेट विस्तार किया था।
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देउबा को अपने इस फैसले के बाद लोगों की कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर लोग उनसे सवाल कर रहे हैं कि आखिर जब देश में आम चुनावों की घोषणा हो चुकी है तो फिर कैबिनेट विस्तार क्यों किया गया। देउबा का कार्यकाल मात्र चार महीने का रह गया है।
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नेपाल में 18 सितंबर को स्थानीय चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में उन पर आरोप लग रहे हैं कि वो चुनावों के आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं।
प्रमुख विपक्ष पार्टी सीपीएन-यूनिफाइड मार्क्सवादी-लेनिनिस्ट के नेता केपी ओली ने मजाकिया अंदाज में कहा कि नेपाल में 'आलू का मूल्य है लेकिन मंत्रियों का कोई मूल्य नहीं है।'
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देउबा को न सिर्फ विपक्ष का विरोध झेलना पड़ रहा है कि बल्कि चुनाव आयोग ने भी उनके इस कैबिनेट विस्तार के फैसले को आचार संहित का उल्लंघन करार दिया है।
आयोग का कहना है कि कैबिनेट का विस्तार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को प्रभावित करेगा और सरकार को ऐसी कार्रवाइयों का सहारा नहीं लेना चाहिए।
देउबा के पांचवें कैबिनेट विस्तार में 30 मंत्री और 24 राज्य मंत्री शामिल किए गए हैं, जो नेपाल के इतिहास का सबसे बड़ा कैबिनेट विस्तार है। इससे पहले 1996 में देउबा सरकार ने 48 मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल कर रिकॉर्ड बनाया था।