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आतंकवाद के डेंजर जोन में नेपाल, कई देशों के आंतकी लेते हैं शरण
ब्यूरो/ अमर उजाला, कपिलवस्तु
Updated Sun, 22 Jan 2017 05:13 AM IST
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प्रतीकात्मक फोटो
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नेपाल आतंकवाद के डेंजर जोन में शामिल है। इंटरपोल के क्षेत्रीय सम्मेलन में नेपाल के डीआईजी बम बहादुर भंडारी ने कार्यपत्र प्रस्तुत करते हुए यह जानकारी दी है। भारत में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के बाद नेपाल से पकड़े जाने वाले संदिग्धों को लेकर नेपाल चर्चा में रहा है। नेपाल ने माना है कि अन्य देशों में लिप्त आतंकी नेपाल में शरण ले रहे हैं। इन पर इंटरपोल की मदद से शिकंजा कसा जा सकता है।
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काठमांडू में एशियाई इंटरपोल सम्मेलन में एशिया सर्किट के देशों ने हिस्सा लिया। नेपाल प्रहरी डीआइजी बम बहादुर भंडारी ने बताया कि नेपाल अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों के निशाने पर है। इससे निपटना चुनौतीपूर्ण है और बिना अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के सहयोग के नियंत्रण संभव नहीं है। असम में सक्रिय पृथकतावादी समूह के नाई निरंजन को नेपाल में गिरफ्तार किया गया जो नेपाली नागरिकता लेकर यहां रह रहा था। भारत में 1993 के बम धमाके का दोषी अब्दुल करीम टुंडा को विमानस्थल से गिरफ्तार कर भारत को सौंपा गया।
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अलकायदा नेता यासीन भटकल से लेकर 2010 बम धमाके में शामिल हिजबुल मुजाहिद्दीन के सैय्यद शाह की गिरफ्तारी भी नेपाल से ही हुई। आतंकवादियों के शरण लेने के कारण नेपाल रिस्क जोन में है। आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए नेपाल को ट्रांजिट प्वाइंट के तर्ज पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
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अन्य देशों में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए नेपाल से नेटवर्किंग हो रही है। एआईजी विज्ञान राज शर्मा ने बताया कि नेपाल में बड़ी घटनाओं में संलिप्त आतंकी पकड़े गए हैं। नेपाली प्रहरी इनपर नियंत्रण स्थापित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं। नेपाल में अलकायदा और मुजाहिद्दीन समूह की गतिविधियों को पनपने का मौका नहीं दिया जाएगा। इस पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए अन्य देशों के सहयोग की आवश्यकता है।