नेपाल आर्मी खफा, 4050 विदेशी राहत दलों को वापस जाने को कहा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विनाशकारी भूकंप का दंश झेल रहे नेपाल में अब एक और संकट आ खड़ा हुआ है। नेपाल में राहत व बचाव कार्य अभी चल ही रहे थे कि नेपाल आर्मी ने नेपाल सरकार को विदेशी राहत दलों को वापस उनके देश भेजे जाने का प्रस्ताव दे डाला है। नेपाल आर्मी इसको लेकर लगातार सरकार पर दबाव बना रही है।
बताया जा रहा है कि नेपाल आर्मी राहत व बचाव कार्य में लगी विदेशी एजेंसियों से नाराज है। इन एजेंसियों में भारत के राहत दल भी शामिल है। खबर है कि भारतीय मीडिया में इंडियन आर्मी के राहत कार्य को ज्यादा तवज्जो दिए जाने से नेपाल आर्मी खासी नाराज है। इसके अलावा विदेशी राहत एजेंसियों में क्रेडिट लेने की होड़ मची हुई है। इस बात को लेकर नेपाल आर्मी नाराज बताई जा रही हैं।
नेपाल आर्मी ने इसको लेकर सरकार को सभी 4050 राहत कर्मियों को वापस भेजे जाने को कहा है, इस मसले को लेकर नेपाल सरकार सोमवार को विचार कर सकती है। बता दें कि नेपाल में भारत, चीन, पाकिस्तान, जापान, बांग्लादेश, श्रीलंका, पौलैंड, कोरिया समेत कई देशों के करीब 4050 कर्मी राहत व बचाव कार्य में लगे हुए हैं।
नेपाल आर्मी नहीं चाहती अब बाहरी मदद!
आपदा राहत कार्यों में लगी नेपाल आर्मी अब विदेशी एजेंसियों की मदद नहीं चाहती है। नेपाल मीडिया खबरों के मुताबिक नेपाल आर्मी इस बात से खफा मानी जा रही है कि उनके काम को तवज्जो नहीं दी जा रही है।
वहीं भारतीय आर्मी समेत अन्य एजेंसिंया राहत कार्यों का श्रेय ले रही हैं। नेपाल मीडिया के मुताबिक नेपाल आर्मी का कहना है कि भारतीय सेना अपने राहत कार्यों का भारतीयस मीडिया में खूब प्रचार कर रही है।
इस मसले पर नेपाल आर्मी की डिजास्टर मैनेजमेंट विंग ने नेपाल गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर को लिखा है कि अब राहत व बचाव कार्य लगभग अंतिम दौर में है और बाकी कार्य नेपाल आर्मी स्वंय कर लेगी। मीडिया खबरों के मुताबिक नेपाल गृह मंत्रालय ने आर्मी के इस प्रस्ताव पर सहमति जताई है और जल्द ही विदेशी एजेंसियों को वापस उनके देश भेजे जाने के संबध में सरकार बैठक कर सकती है।